प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
पटना। बिहार विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र (फरवरी 2026) में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आरजेडी (RJD) के बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत (जो खुद दलित समुदाय से हैं) ने 11 फरवरी को सदन में अपने भाषण के दौरान दिवंगत नेता और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक रामविलास पासवान का जिक्र करते हुए उन्हें “बेचारा” कहा।
बिहार के गरीब एवं दलित-पिछड़ों के मसीहा, श्रद्धेय रामविलास पासवान जी के प्रति राजद के नेताओं द्वारा सदन में की गई अमर्यादित टिप्पणी कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्हें 'बेचारा' कहना न केवल उनका अपमान है, बल्कि उन करोड़ों वंचितों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना है pic.twitter.com/s5jrl2B7yN
— Lok Janshakti Party (Ramvilas) (@LJP4India) February 15, 2026
यह शब्द चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) के लिए बेहद आपत्तिजनक साबित हुआ, जिसे उन्होंने दिवंगत नेता के अपमान के रूप में लिया। कुमार सर्वजीत ने रामविलास पासवान की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख किया और पटना में उनकी मूर्ति लगाने की मांग की थी, लेकिन “बेचारा” शब्द का प्रयोग विवाद का कारण बन गया।
सदन में जोरदार हंगामा
सदन में लोजपा (रामविलास) के विधायकों ने तुरंत विरोध शुरू कर दिया। नारे लगाए गए जैसे “आरजेडी की पहचान, दलितों का अपमान”। पोस्टर लहराए गए, जिसमें तेजस्वी यादव पर तंज कसा गया। स्पीकर प्रेम कुमार ने शांति की अपील की, लेकिन हंगामा लंबा चला। सोमवार (16 फरवरी) को भी सदन शुरू होते ही लोजपा विधायकों ने जोरदार हंगामा किया, रामविलास पासवान जिंदाबाद के नारे लगाए, और कार्यवाही बाधित हो गई। सदन स्थगित करना पड़ा।
लोजपा का विरोध और प्रदर्शन
रविवार (15 फरवरी) को पटना के करगिल चौक पर लोजपा (रामविलास) के नेताओं (सांसद अरुण भारती, प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, गन्ना मंत्री संजय पासवान आदि) ने प्रदर्शन किया। तेजस्वी यादव का पुतला फूंका गया। चिराग पासवान ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि “रामविलास पासवान बिहार के गरीबों और दलित-पिछड़ों के मसीहा थे, और यह अपमान करोड़ों वंचितों की भावनाओं पर चोट है। उन्होंने माफी की मांग की।”
https://x.com/LJP4India/status/2023000366212927504?s=20
लोजपा नेताओं ने कहा कि पासवान ने 50 साल बेदाग राजनीति की, उन्हें “बेचारा” कहना पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्होंने आरजेडी को दलित-विरोधी बताया और तेजस्वी यादव से सार्वजनिक माफी की मांग की।
आरजेडी का पक्ष और सफाई
कुमार सर्वजीत ने सफाई दी कि “बेचारा” कोई गाली नहीं है, बल्कि श्रद्धा और सहानुभूति में कहा गया। वे पासवान जी की मूर्ति लगाने की मांग कर रहे थे। आरजेडी विधायकों ने इसे सरकार की साजिश बताया और कहा कि असली मुद्दों (जैसे दलित हित, आरक्षण आदि) से ध्यान भटकाया जा रहा है। आरजेडी ने माफी मांगने से इनकार किया और लोजपा पर एनडीए की मदद से मुद्दे को हवा देने का आरोप लगाया।
यह विवाद अब दलित अपमान और राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है, जो बिहार की सियासत में जातीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। लोजपा इसे दलित सम्मान से जोड़ रही है, जबकि आरजेडी इसे राजनीतिक चाल बताती है।







