नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक के प्रमुख, शक्तिकांत दास को लंदन में सेंट्रल बैंकिंग द्वारा 2023 के लिए ‘गवर्नर ऑफ द ईयर’ की उपाधि से सम्मानित किया गया. सेंट्रल बैंकिंग एक इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिसर्च जर्नल है. आरबीआई गवर्नर को यह अवॉर्ड इंफ्लेशन मैनेजमेंट, कोविड-19 महामारी और ग्लोबल क्राइसिस के दौरान भारत के बैंकिंग सिस्टम को बेहतरीन तरीके से संभालने के लिए दिया गया है. सेंट्रल बैंकिंग के अनुसार आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने देश में कई अहम सुधार किए हैं और उन्होंने मुश्किल समय में भारत का नेतृत्व किया है.
मार्च 2023 में पब्लिकेशन की ओर से उन्हें यह पुरुस्कार देने की सिफारिश की गई थी. वैश्विक उथल-पुथल और कठिन परिस्थितियों के दौरान केंद्रीय बैंक के उनके नेतृत्व के लिए उन्हें उपाधि से सम्मानित किया गया. उन्होंने भारत के केंद्रीय बैंक और पूरे बैंकिंग सिस्टम को कोविड-19 महामारी, एनबीएफसी, रूस-यूक्रेन वॉर आदि के दौरान चालाकी के साथ मैनेज किया है.
इस अवॉर्ड से भी हो चुके हैं सम्मानित
इससे पहले आरबीआई गवर्नर को अवॉर्ड दिया जा चुका है. साल 2020 में उन्हें सेंट्रल बैंकर ऑफ द ईयर, एशिया पैसिफिक अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. साल 1957 में 26 फरवरी को जन्में शक्तिकांत दास की शुरूआमी एजुकेशन ओडिश के भुवनेश्वर शहर से हुई. उसके बाद उन्होंने से दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से हिस्ट्री से बीए और उसके बाद मास्टर की डिग्री हासिल की. साल 2021 में उन्हें उल्कल यूनिवर्सिटी से डीलिट की उपाधि से सम्मानित किया गया.
गवर्नर से पहले कई भूमिकाओं में कर चुके हैं काम
आरबीआई गवर्नर बनने से पहले वो राज्य और केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं. शक्तिकांत दास तमिलनाडु कैडर के 1980 बैच के आईएएस के रिटायर्ड अधिकारी हैं. उन्होंने आईएएस रहते हुए तमिलनाडु और केन्द्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया, खासकर इकोनॉमिक एक्सपर्ट के जुड़ी जिम्मेदारियों को निभा चुके हैं. जिसमें आर्थिक मामलों के सचिव, रेवेन्यू सेकेट्री, फर्टिलाइजर्स सेकेट्री के अलावा वह विश्व बैंक, एडीबी, एनडीबी और एआईआईबी में भारत के लिए अल्टरनेट गवर्नर की भूमिका निभा चुके हैं. उन्होंने कई इंटनेशनल प्लेटफॉर्म आईएमएफ, जी20, ब्रिक्स, सार्क में भी भारत को लीड किया है.







