नई दिल्ली : बीजेपी ने एक बार फिर दिल्ली की शराब नीति को लेकर आम आदमी पार्टी पर हमला बोला. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि नई शराब नीति को लेकर दो बड़े बिजनेसमैन को हिरासत में लिया गया है. ये दोनों व्यक्ति अरविंद केजरीवाल के दोस्त और मनीष सिसोदिया के खास बताए जा रहे हैं.
पात्रा ने कहा, ‘ये दोनों बिजनेसमैन के रिमांड लेटर मीडिया में सामने आए हैं. इसके मुताबिक आबकारी नीति में हुए घोटाले की वजह से 2631 करोड़ का नुकसान दिल्ली को पहुंचा है. इसमें बताया गया है कि डिजिटल सबूत को मिटाने के लिए 140 मोबाइल फोन को बदला गया.’ उन्होंने कहा कि इसमें प्रमुख आरोपी नंबर 1 है तो वह हैं मनीष सिसोदिया है.
बीजेपी नेता ने कहा, ‘एक करोड़ बीस लाख रुपए इन मोबाइलों को नष्ट करने के लिए खर्च किए गए. 5 जुलाई 2021 को इस पॉलिसी को पब्लिक किया था, लेकिन ठीक एक महीने पहले ही इसे लीक कर दिया गया था.’
ईडी ने कही ये बात
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच खत्म की गई दिल्ली की आबकारी नीति सार्वजनिक होने से काफी पहले कुछ शराब निर्माताओं को ‘लीक’ कर दी गई थी और जांच में पाया गया कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत तीन दर्जन ‘महत्वपूर्ण’ लोगों ने डिजिटल साक्ष्य मिटाने के इरादे से 140 मोबाइल फोन बदले.
जांच एजेंसी ने फ्रांस की शराब कंपनी पर्नोड रिकार्ड के दिल्ली क्षेत्रीय प्रमुख बिनॉय बाबू और अरबिंदो फार्मा लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक पी सरथ चंद्र रेड्डी की गिरफ्तारी के बाद विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत को इसकी जानकारी दी.
ईडी ने कहा कि जांच के दौरान उसके द्वारा पूछताछ किए गए कई लोगों ने खुलासा किया है कि दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में काम करने को लेकर चुनिंदा व्यापारिक समूहों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत अग्रिम रूप से दी गई थी.
अरबिंदो फार्मा ने शेयर बाजार को सूचित किया कि रेड्डी ‘‘अरबिंदो फार्मा लिमिटेड या उसकी सहायक कंपनियों के संचालन से किसी भी तरह से जुड़े नहीं थे.’’ ईडी ने दोनों की हिरासत का अनुरोध करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार/आबकारी विभाग ने आरोपी व्यक्तियों के प्रभाव में गठजोड़ से संचालन की अनुमति दी. ईडी ने कहा, ‘‘यह दिल्ली के आबकारी अधिकारियों और दिल्ली सरकार के सदस्यों को रिश्वत के बदले में किया गया.’’
ईडी ने कहा कि जांच के दौरान उसके द्वारा पूछताछ किए गए कई लोगों ने खुलासा किया है कि दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में काम करने को लेकर चुनिंदा व्यापारिक समूहों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत अग्रिम रूप से दी गई थी.







