प्रकाश मेहरा
स्पेशल डेस्क
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय सुनाए जाने तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी गईं। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि उनके खिलाफ दर्ज प्रकरण में गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है और वे जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। वहीं राज्य पक्ष ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा।
अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम आदेश
सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि “जब तक अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम आदेश पारित नहीं किया जाता, तब तक याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। इस दौरान कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जांच एजेंसियों के समक्ष आवश्यकतानुसार उपस्थित हों और जांच में पूर्ण सहयोग करें।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आदेश सुरक्षित रखे जाने का अर्थ है कि अदालत सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार कर रही है और शीघ्र ही अपना विस्तृत निर्णय सुनाएगी। फिलहाल, गिरफ्तारी पर लगी रोक से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अस्थायी राहत मिली है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो इस मामले की आगे की दिशा तय करेगा।







