प्रह्लाद सिंह राघव
नई दिल्ली: गुरुग्राम से 35 किलोमीटर दूर मेवात क्षेत्र के हिलालपुर गांव में जैविक किसान मेले के बारे में सोमवार को चर्चा शुरु हुई है। शिव मंदिर के परिसर में संपन्न इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत अनंत बोध चैतन्य जी महाराज ने किया और इस अवसर पर राजस्थान के जाने माने कृषि विशेषज्ञ भंवर सिंह मुख्य अतिथि रहे।

कार्यक्रम के आरंभ में किसान यूनियन के नेता अनिल शर्मा ने अरावली संरक्षण आंदोलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। इसके संचालन और संयोजन में राजीव थपलियाल की अहम भूमिका रही। उन्होंने मेवात के इस क्षेत्र में आने वाले समय में एक बॉडी बिल्डिंग कंपटीशन कराने का ऐलान किया है।

भंवर सिंह जी सीवर के दूषित पानी से होने वाले कृषि कार्य से होने वाले स्वास्थ्य की हानि का जिक्र कर स्थानीय किसानों को जैविक खेती की ओर रुख करने का आह्वान करते हैं। उन्हें अरावली क्षेत्र की पीड़ा हिलालपुर में साफ दिखती है। स्थानीय किसानों से उन्हें पता चलता है कि करीब छह सौ एकड़ में बसे इस गांव की जमीन में पांच फुट नीचे ही खारा पानी है। अरावली की पथरीली भूमि का पता करने के लिए ज्यादा खोदने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट आज कल अरावली संरक्षण के अभियान में अहम भूमिका निभा रही है।
उन्होंने इस खारे पानी को साफ करने में हुई तकनीकी विकास की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट किया। हिलालपुर के जोहड़ तालाबों का पानी जानवर भी नहीं पीते हैं। सिंचाई के काम की भी नहीं है। करीब सौ एकड़ भूमि का अधिग्रहण राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण ने कर लिया है। साथ ही सौ एकड़ शामलात की जमीन के 10 फीसदी हिस्से में जल स्रोत हैं। शेष अधिकांश भाग को पंचायती बंजर भूमि मानते हैं। हिलालपुर झील के किनारे ग्राम सभा की गोशाला, शिव मंदिर और शिक्षा की व्यवस्था के नाम पर खड़ा विद्यालय है।
भंवर सिंह किसानों के साथ जैविक खेती, भूमि की उर्वरता और आधुनिक कृषि पद्धतियों पर सार्थक संवाद शुरू किया है। भविष्य में वार्षिक किसान मेले की रूपरेखा उनके वक्तव्य में उभरती है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता अनिल शर्मा जी ने किसानों से संगठित होने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।ऋषिकेश से पधारे राजीव थपलियाल ने युवाओं के बीच स्वास्थ्य, सौष्ठव और पौष्टिक आहार के महत्व पर प्रेरणादायी विचार रखे हैं।
आईआईटी दिल्ली से पधारे वैज्ञानिक शिव उपाध्याय ने वर्षा जल संचयन पर विशेष बल दिया। जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। नो रेन वाटर वेस्टेज का फार्मूला बताते हुए अनंत बोध चैतन्य वृक्षारोपण अभियान चलाने का संकल्प दोहराते हैं। उन्होंने “पेड़ हैं तो जीवन है” का मूल मंत्र साधने के लिए नक्षत्र वाटिका बनाने का प्रस्ताव भी रखा। जाने माने लेखक और पत्रकार कौशल किशोर ने क्षेत्र के समग्र विकास हेतु ग्राम सभा को जल, जंगल और जमीन जैसी स्थानीय निधियों के संरक्षण की आवश्यकता पर पर बल दिया है।
समृद्ध भारत की पहचान गांव और किसान की समृद्धि में निहित है। इसके लिए प्रकृति के संरक्षण का मंत्र साधने हिलालपुर में उपासना शुरू हुई है। यह आगे भी प्रयत्नशील रहेगी। इस अवसर पर हिलालपुर गांव के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसमें श्यौराज सिंह राघव, जगबीर राघव, ओमबीर राघव, पूर्व सैनिक मीर सिंह फौजी, हरकेश राघव, विनोद राघव, डॉ जय नारायण शर्मा, जय प्रकाश मम्मल राघव, प्रभु दयाल राघव, जोगिंदर राघव, नेत्र पाल, गजराज राघव, उदयपाल राघव, अर्जुन राघव, वीरेंद्र राघव, मनोज पंडित, सुरेंद्र राघव और नरेंद्र राघव जैसे स्थानीय लोगों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सार्थक बनाने का प्रयास किया।







