मणिपुर: मणिपुर में ताजा हमलों और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर केंद्र सरकार ने एक्शन लिया है. मणिपुर में आज करीब 2000 कर्मियों वाली 20 अतिरिक्त CAPF कंपनियों को भेजा गया है. पीटीआई के मुताबिक गृह मंत्रालय ने मंगलवार रात को इन यूनिट्स को हवाई मार्ग से लाने और तत्काल तैनाती के आदेश जारी किए थे.
बता दें कि सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ भीषण मुठभेड़ में कम से कम 11 संदिग्ध उग्रवादी मारे गए थे. अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों ने जिरीबाम जिले के जाकुरधोर में बोरोबेक्रा पुलिस स्टेशन और उससे सटे CRPF कैंप पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी. भीषण मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने अत्याधुनिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा भी जब्त किया था.
सूत्रों ने बताया कि मणिपुर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की जिन 20 नई कंपनियों को भेजने का आदेश दिया गया है, उनमें सीआरपीएफ की 15 और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की पांच कंपनियां शामिल हैं.
ये इकाइयां सीएपीएफ की उन 198 कंपनियों में शामिल होंगी, जो पिछले साल मई में मणिपुर में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद राज्य में तैनात हैं. इस हिंसा में 200 लोग मारे गए थे. सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय के आदेशानुसार ये सभी सीएपीएफ इकाइयां 30 नवंबर तक मणिपुर सरकार के अधीन रहेंगी, लेकिन तैनाती बढ़ाए जाने की उम्मीद है.
संदिग्ध उग्रवादियों के मारे जाने के बाद कुकी-जो काउंसिल ने मंगलवार सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक राज्य के पहाड़ी इलाकों में पूर्ण बंद का आह्वान किया था.
इससे पहले मणिपुर पुलिस ने X पर कहा था कि 11 नवंबर को जिरीबाम जिले में जकुराडोर और बोरोबेकरा पुलिस स्टेशन के पास स्थित सीआरपीएफ पोस्ट पर दोपहर करीब 3 बजे, सशस्त्र उग्रवादियों ने हमला किया. सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें 11 उग्रवादी मारे गए. उग्रवादियों के साथ इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ कांस्टेबल संजीव कुमार को गोली लग गई. उन्हें असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया और उनका इलाज चल रहा है.
हमले का सीआरपीएफ और पुलिस ने जमकर जवाब दिया और 40-45 मिनट की भारी गोलीबारी के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया. गोलीबारी बंद होने के बाद क्षेत्र की तलाशी ली गई तो हथियार और गोला-बारूद (3 एके, 4 एसएलआर, 2 इंसास, 01 आरपीजी, पंप एक्शन गन, बीपी हेलमेट और मैगजीन) के साथ सशस्त्र उग्रवादियों के 11 शव बरामद किए गए.







