प्रकाश मेहरा
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में मंगलवार को पाकिस्तानी तालिवान से संबंधित आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों की चौकी को विस्फोटक से लदे वाहन से टक्कर मार दी, जिससे 23 सैनिकों की मौत हो गई और और 30 से अधिक अन्य घायल हो गए। यह हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए सबसे भयानक आतंकी हमलों में से एक है।
सेना की मीडिया शाखा ‘इंटर- सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ ने कहा कि दक्षिण वजीरिस्तान कबायली जिले की सीमा से लगे अशांत डेरा इस्माइल खान जिले में प्रवेश करने के उनके मंसूबों को प्रभावी ढंग से विफल कर दिए जाने के बाद आतंकवादियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन से चौकी की इमारत में टक्कर मार दी। इस हमले के वाद आत्मघाती हमला भी किया गया, जिसके कारण इमारत ढह गई और कई लोग हताहत हुए। सेना ने कहा कि सुरक्षा बलों ने छह आतंकवादियों को मार गिराया। हमले के कारण जिले के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया और सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए।
आतंकवादी संगठन टीजेपी ने हमले की जिम्मेवारी ली
तहरीक ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से संबंद्ध और नवगठित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान (टीजेपी) ने इस हमले की जिम्मेवारी ली है। इसके प्रवक्ता मुल्ला कासिम ने इस हमले को आत्मघाती मिशन (फिदायीन हमला) करार दिया। पाकिस्तान में कुछ बड़े हमलों के पीछे इस आतंकी संगठन का हाथ रहा है।
पाक में सुरक्षा और सैन्य प्रतिष्ठानों पर लगातार हो रहे हमले अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर कब्जा करने के बाद से पाकिस्तान को हिंसा में वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। आतंकवादियों ने पाकिस्तान में सुरक्षा और सैन्य प्रतिष्ठानों पर लगातार हमले किए हैं।







