चमोली। नया राज्य बनने के बाद चमोली विधानसभा के लोगों को लगा की अब तो डबल इंजन की सरकार उनकी समस्यों को दूर करेगी। लेकिन आज यहां के लोगो के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य की समस्या ही, एक समस्या बन गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि, देवाल विकासखण्ड के सैनिक बहुल गांव सवाड़ में बीते कई वर्षों से केन्द्रीय विद्यालय की मांग की जा रही है। हर वर्ष क्षेत्र में सैनिक मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमे केंद्र और राज्य के बड़े बड़े मंत्री भी शामिल होते है। इस बाबत केंद्रीय विद्यालय बनवाने के लिए सभी मंत्रियों और सरकार को भी अमर शहीद सैनिक मेला समिति की ओर से कई पत्र लिखे जा चुके है। तो वही दूसरी ओर क्षेत्र के ही सवाड विकासखण्ड देवाल थराली प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी आभाव बना हुआ है। ना तो स्वास्थ्य केन्द्र के खुलने का समय होता है, और न ही जांच के लिए यहां मुलभुत उपकरण मौजूद है। जिसकी वजह से क्षेत्र के लोगो को सौकड़ों किमी दूर उपचार के लिए जाना पड़ता है।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीज़ पैसे और समय दोनों की मार झेल रहे है। इन दोनों समस्याओं को लेकर गांव सवाड निवासी पत्रकार प्रकाश मेहरा द्वारा 26 सितम्बर को सीएम पोर्टल पर शिकायत की गई थी। जिसमे मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली को प्रेषित पत्र में जवाब दिया गया है कि, केन्द्रीय विद्यालय के लिए ग्रामीण द्वारा लाखों रूपये खर्च कर श्रमदान एंव अन्य संसाधनों से सवाड़ में 15 कमरों के टीनशेड का निर्माण किया गया है, ग्रामीणों के द्वारा 02 हे0 से अधिक करीब 80 लाख रूपये की कृषि भूमि दान भी कर दी गई, ताकि अस्थाई कमरों में विद्यालय का संचालन शुरू किया जा सके, जो कि अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
जिससे देवाल क्षेत्र की समस्त जनता के साथ ही सवाड़ गांव की जनात में भारी आकोश एंव निराशा का सामना करना पड़ रहा है। इसमें आवश्यक कार्यवाही की जाए। वही दूसरी शिकायत के जवाब में स्वास्थ्य केन्द्र देवाल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ शहज़ाद अली द्वारा बात के आधार पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि, शिकायतकर्ता सरकार के द्वारा चलायी जा रही जन कल्याण कारी योजनाओं से असंतुष्ट है। इसपर प्रकाश मेहरा का कहना है लोगो ने अपनी ज़मीन और पैसे अपने बच्चों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए लगा दिए, ताकि सरकार पर बोझ न पड़े। अब लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे है।







