सतीश मुखिया
मथुरा : लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद भगवान श्री कृष्ण की नगरी में भी नौकरशाही नींद से जाग उठी और वृंदावन में एक दर्जन से अधिक होटल, गेस्ट हाउस, स्पा सेंटर, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य प्रतिष्ठान को सेल करते हुए मानकों को पूरा करने का आदेश दिया अचानक हुई इस कार्रवाई से इन संचालको संस्कार संचालकों के बीच हड़कम्प मच गया और कई संचालक ताला लगाकर फरार हो गए इसके बावजूद बंद प्रतिष्ठानों पर भी मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की गई।
इस सघन जांच अभियान के द्वारा कुछ अवैध रूप से अस्पताल चलते हुए भी पाए गए जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराने हेतु स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद सरकार के निर्देश पर चल रहे विशेष सुरक्षा अभियान के तहत बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस, अग्निशमन विभाग, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया।
इस जांच के दौरान कई ऐसे भवन मिले जिनके नक्शे आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत थे, लेकिन उनमें होटल, गेस्ट हाउस, रूम स्टे, स्पा सेंटर, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इन प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी मानकों की कमी, दस्तावेजी खामियां और अन्य नियमों के उल्लंघन सामने आने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान कई भवनों में संकरी गलियां, तंग सीढ़ियां, बेसमेंट का उपयोग और आपातकालीन निकास संबंधी कमियां भी अधिकारियों की चिंता का कारण बनीं। चैतन्य विहार क्षेत्र में संचालित एक अस्पताल को लेकर भी टीम ने आपत्तियां दर्ज कीं। मामले को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के संज्ञान में भेजते हुए आवश्यक जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इस पूरे अभियान के दौरान सीओ संदीप सिंह, एफएसओ नरेश सिंह, एमवीडीए, पुलिस बल और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान पूरे शहर में चर्चाओ का दौर चलता रहा की मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा कार्यवाही सिर्फ आम लोगों तक ही सीमित रहेगी या शहर के बगड़ बड़े धनपतियों तक भी उनके हाथ पहुंचेंगे यह सवालअभी भी बना हुआ है जिसे हम सभी को इंतजार रहेगा।







