फतेहपुर. यूपी के फतेहपुर जिले के हरिहरगंज चर्च में हिंदुओं के धर्मांतरण का मामला फिर सामने आया है. धर्मांतरण के एक मामले में ढाई महीने से फरार पादरी चोरी छिपे चर्च में हिंदुओ का धर्म परिवर्तन करा रहा था. धर्मांतरण की सूचना पर पुलिस ने चर्च में छापेमारी कर पादरी विजय मसीह को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने पादरी के पास से अलग-अलग नाम पता के चार आधार कार्ड भी बरामद किया है. पुलिस की पूछताछ में पादरी विजय मसीह ने धर्म परिवर्तन कराए जाने की बात स्वीकार की है. पादरी ने पुलिस को यह भी बताया कि यह धर्म परिवर्तन करने वाले हिंदुओ के आधार कार्ड है. क्रिश्चियनिटी शिक्षा हासिल कर ईसाई धर्म अपनाने के बाद उनका आधार कार्ड फिर से अपडेट कराया गया है.
बता दें कि गिरफ्तार पादरी ढाई महीने पहले दर्ज धर्मांतरण के मामले में फरार चल रहा था. जबकि उससे पहले 15 अप्रैल को भी धर्मांतरण के मामले में जेल गया था. सीओ सिटी वीरसिंह ने बताया कि ढाई महीने पहले चर्च में भोले-भाले और गरीब हिंदुओं का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण के मामले में वांछित पादरी विजय मसीह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा गया है. धर्मांतरण के इस रैकेट में अभी और भी लोग शामिल है. तफ्तीश के दौरान साक्ष्यों के आधार पर जल्द उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा.
धर्मांतरण का यह कोई पहला मामला नहीं
फतेहपुर के थाना कोतवाली क्षेत्र के हरिहरगंज चर्च में धर्मांतरण का यह कोई पहला मामला नहीं है. 15 अप्रैल 2022 को भी हिंदुओं को लालच देकर धर्म परिवर्तन मामला सामने आया था. उस समय वीएचपी ने चर्च में गरीब हिन्दुओं को क्रिश्चियनिटी शिक्षा देकर जबरन धर्म परिवर्तन कराये जाने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया था. वीएचपी के भारी हंगामे के बाद पुलिस ने 35 नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था. पुलिस ने पादरी सहित 26 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था. जमानत से रिहा होने के बाद पादरी फिर से चर्च में चंगाई सभा करने लगा. वह चंगाई सभा की आड़ में गरीब हिंदुओं का धर्मांतरण करने लगा. शिकायत मिलने पर ढाई महीने पहले पुलिस ने फिर केस दर्ज किया था. जिस मामले में कई आरोपियों को पुलिस ने पहले ही जेल भेज दिया, लेकिन गिरफ्तार पादरी विजय मसीह फरार चल रहा था. रविवार को पुलिस ने पादरी को फिर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.





