Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

देश की इकलौती सीट, जहां NOTA को जिताने में जुटी है कांग्रेस

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 16, 2024
in राजनीति, राज्य
A A
17
SHARES
578
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के इतिहास में शायद ये पहली बार है जब कांग्रेस पार्टी अपने विरोधियों को हराने के लिए जनता से नोटा का बटन दबाने की अपील कर रही है। लोकसभा चुनाव 2024 में मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट, इकलौती ऐसी सीट है, जहां विपक्ष, बीजेपी को नोटा से हराने की तैयारी में है।

नोटा के अलावा ऑप्शन क्यों नहीं?

इन्हें भी पढ़े

Supreme court

सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को कड़ा संदेश, ‘SIR में कोई रुकावट बर्दाश्त नहीं करेंगे’

February 9, 2026
cm dhami

हरिद्वार कुंभ 2027: सीएम धामी ने तय की समय सीमा, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

February 9, 2026
Mata Vaishno Devi

माता वैष्णो देवी के आसपास भी दिखेगा ‘स्वर्ग’, मास्टर प्लान तैयार!

February 8, 2026
गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, 4 गिरफ्तार

February 8, 2026
Load More

इस कहानी की शुरुआत होती है 29 अप्रैल 2024 से। जब नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने अपना पर्चा वापस ले लिया। कांग्रेस के लिए ये बड़ा झटका था, क्योंकि सूरत में भी कांग्रेस का प्रत्याशी मैदान छोड़कर भाग गया था, बीजेपी यहां निर्विरोध जीत गई। इंदौर में भी यही हुआ। पर्चा वापस लेने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार तुरंत बीजेपी में भी शामिल हो गया। बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के साथ कांग्रेस उम्मीदवार दिखे। हालांकि यहां बीजेपी को निर्विरोध जीत नहीं मिली है, क्योंकि अन्य निर्दलीय मैदान में हैं।

नोटा के सहारे मध्य प्रदेश कांग्रेस

कांग्रेस उम्मीदवार के धोखे के बाद खबर आई कि कांग्रेस किसी निर्दलीय उम्मीदवार को सपोर्ट कर सकती है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता कांग्रेस ने रणनीति बदली और नोटा पर दांव लगा दिया। इंदौर सीट के 72 साल के इतिहास में पहली बार चुनावी दौड़ से बाहर हो चुकी कांग्रेस इंदौर को अपने समर्थित प्रत्याशी के तौर पर नोटा को पेश करने की हर-मुमकिन कोशिश कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने स्थानीय मतदाताओं से आह्वान किया है कि वे भाजपा को सबक सिखाने के लिए इस बार नोटा का इस्तेमाल करें। उन्होंने एक हालिया कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा- “भले ही इस बार इंदौर में हमारा प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं है, लेकिन मतदान के दिन हर बूथ के पास कांग्रेस कार्यकर्ता टेबल-कुर्सी लगाकर बैठें और इस भाव से काम करें कि नोटा ही हमारा प्रत्याशी है।”

नोटा पर ही फोकस क्यों

दरअसल जिस तरह से कांग्रेस उम्मीदवार ने पर्चा वापस लिया और तुरंत बीजेपी में शामिल हो गए, उससे इंदौर की जनता में भी नाराजगी है। जो कई मौकों पर दिख चुकी है। नोटा को लेकर भी बात हो रही है, जिसके बाद अब कांग्रेस बीजेपी के सामने नोटा से चुनौती पेश कर रही है। अगर कांग्रेस, बीजेपी के मुकाबले में नोटा को खड़ा में कामयाब रही तो यह बहुत बड़ी बात होगी। पूरे देश में एक मैसेज जा सकता है। हालांकि जिस तरह से इंदौर सीट पर सालों से बीजेपी का कब्जा रहा है, उससे बीजेपी, नोटा से हार जाए, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन कांग्रेस चुनौती जरूर पेश करने की कोशिश कर रही है।

इंदौर सीट का समीकरण

इंदौर मतदाताओं की तादाद के लिहाज से मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा लोकसभा क्षेत्र है। भाजपा ने अपने निवर्तमान सांसद शंकर लालवानी को लगातार दूसरी बार इंदौर के चुनावी रण में उतारा है। इस सीट पर 25.13 लाख मतदाता 13 मई को 14 उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे जिनमें नौ निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। साल 2019 में पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान इंदौर में 69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। तब इस सीट पर 5,045 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना था।

नोटा क्या है

नोटा या “उपरोक्त में से कोई नहीं”, वह विकल्प है जो मतदाता को चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए आधिकारिक तौर पर अस्वीकृति का वोट दर्ज करने में सक्षम बनाता है। यदि कोई मतदाता नोटा दबाता है तो यह बताता है कि मतदाता ने किसी भी पार्टी को वोट देने का विकल्प नहीं चुना है। उसे कोई भी उम्मीदवार पसंद नहीं आया है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

उत्तराखंड में टर्की से भी बड़ा तबाही आएगा!

March 3, 2023
Western Coalfields Limited

वेस्टर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड में विक्रेता विकास कार्यक्रम संपन्न

July 13, 2024
अंकिता हत्याकांड

लड़ाई सत्ता बनाम विपक्ष की नहीं, सच बनाम अन्याय की है। ‘सवाल पूछना देशद्रोह नहीं, लोकतंत्र की बुनियाद’ : प्रकाश मेहरा

January 2, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • रूस ने भारतीयों को नौकरी देने में दिखाई दिलचस्पी, भर-भरकर जारी हो रहे वर्क परमिट
  • ई-पैंट्री सर्विस क्‍या है जिसे IRCTC ने इन 25 ट्रेनों में किया लॉन्‍च, कैसे होगा आपको फायदा?
  • पाकिस्तान के दोस्त को भारत ने साध लिया, मोदी ने चल दी ब्रिक्स वाली चाल?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.