नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनका अधिकार दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था. परंतु लोकसभा में संख्या बल के कारण बिल पारित नहीं हो पाया.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विपक्ष ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति का अधिकार छीनने का काम किया है. उन्होंने कहा देश की नारी, अन्याय के विरुद्ध अवश्य आवाज उठाएगी क्योंकि अब नारी अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुकी है.
मातृशक्ति नए भारत के निर्माण का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने मातृशक्ति को नए भारत के निर्माण का आधार माना है. महिलाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं. बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, उज्ज्वला योजना एवं जन धन योजना द्वारा करोड़ों बहनों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा, स्टार्टअप योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को सशक्त बनाने, लखपति दीदी योजना द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर महिलाओं को आगे बढ़ने का काम किया गया है.
वर्तमान मंत्रिमंडल में 7 महिला मंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देश के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रही हैं. प्रधानमंत्री के पहले कार्यकाल में 6 महिला कैबिनेट मंत्री रही हैं, वर्तमान समय में मंत्रिमंडल में 7 महिला मंत्री शामिल हैं. आदिवासी समाज की बेटी, देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंची हैं. केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है. राज्य में महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है. महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू किया गया है.
महिला सशक्तिकरण की योजनाएं
इसके साथ राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन गई हैं.







