Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

मोदी सरकार को छू भी नहीं पाएगा विपक्ष का परिसीमन मुद्दा?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
March 24, 2025
in राजनीति, राष्ट्रीय
A A
opposition delimitation
18
SHARES
587
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन परिसीमन के मुद्दे को लेकर काफी गंभीर दिखाई दे रहे हैं और वह बीजेपी सरकार को दक्षिण विरोधी साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। उनका कहना है कि अगर जनसंख्या के आधार पर परिसीमन किया गया तो लोकसभा और विधानसभा दोनों के लिए ही दक्षिण को भारी नुकसान होने वाला है। इसी मुद्दे को लेकर शिवार को उन्होंने चेन्नई में विपक्षी दलों की एक बड़ी बैठक बुलाई थी। ओडिशा और पंजाब के अलावा दक्षिणी राज्यों के कांग्रेस नेताओं ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। हालांकि हिंदी बेल्ट और महाराष्ट्र के दलों ने पहली ही बैठक में किनारा कस लिया। वहीं टीएमसी भी इस बैठक में शामिल नहीं हुई। ऐसे में इस बैठक से यह भी पता चल गया है कि परिसीमन के मुद्दे को लेकर पूरा विपक्ष एकजुट नहीं है।

दक्षिण के राज्यों का कहना है कि अगर जनसंख्या के आधार पर परिसीमन हुआ तो उनकी सीटें कम हो जाएंगी। 2026 की जनगणना के बाद लोकसभा सीटों का परिसीमन होना है। डीएमके ने इस बैठक में उत्तर की विपक्षी पार्टियों को आमंत्रित ही नहीं किया था। इसें सपा और आरजेडी के अलावा भी कई दल शामिल थे। इसके अलावा महाराष्ट्र से शिवसेना और एनसीपी को भी शामिल नहीं किया गया। टीएमसी को मीटिंग में बुलाया गया था लेकिन टीएमसी ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया।

इन्हें भी पढ़े

kisan

किसानों के लिए KCC में होने जा रहे ये 4 बड़े बदलाव, RBI का ऐलान!

February 14, 2026
Supreme court

चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दे रहा है हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट नाराज

February 14, 2026
BJP and Congress

चुनावी ट्रस्ट से मिले चंदे से मालामाल हुई BJP, कांग्रेस का क्या हाल?

February 14, 2026
Sarla Maheshwari

दिल्ली 6 से बीबीसी तक का सफर… दूरदर्शन की प्रसिद्ध समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का निधन !

February 14, 2026
Load More

1977 में लोकसभा चुनाव की बात करें तो औसतन 10.11 लाख लोगों पर एक सांसद था। अब अगर डीलिमिटेशन होता है तो उत्तर के राज्यों और पश्चिम बंगालल में सीटें बढ़ेंगी। पश्चिम बंगाल में लोकसभा सीटें 42 से बढ़कर 66 हो सकती हैं। ऐसा तब होगा जब 15 लाख की जनसंख्या को आधार माना जाएगा। वहीं अगर 20 लाख की जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होता है तो भी पश्चिम बंगाल में 50 सीटें हो जाएंगी। ऐसे में इस मामले को लेकर टीएमसी ने अपना रुख अभी स्पष्ट ही नहीं किया है।

वहीं रिपोर्ट्स की मानें तो समाजवादी पार्टी भी इस मामले पर अभी कोई चर्चा नहीं करना चाहती। समाजवादी पार्टी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की पार्टी है और जनसंख्या के आधार पर निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीटें बढ़ेंगी।

परिसीमन के बाद तमिलनाडु में भी सीटें बढ़ेंगी हालांकि इनकी संख्या दोगुनी नहीं हो पाएगी। केरल में 20 से सीटें बढ़कर 36 हो सकती है। अगर 20 लाख की जनसंख्या को आधार मानकर परिसीमन होता है तो लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 707 हो जाएंगी। ऐसे में दक्षिण के राज्यों को सीटों का नुकसान होना तय है। इस फार्मुले से तमिलनाडु की सीटें केवल 39 ही हो पाएंगी। वहीं केरल को दो सीटों का नुकसान होगा। यूपी, बिहार और झारखंड को इसका फायदा मिलेगा। अगर 15 लाख की जनसंख्या के हिसाब से परिसीमन होता है तो कुल सीटें 942 हो जाएंगी। उत्तर के राज्यों की तुलना में दक्षिण के राज्यों को कम सीटें मिलेंगे।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
interest rates

ब्याज दरों को कम करने का चक्र हुआ प्रारंभ

September 20, 2024

दिल्ली में महिला क्रिकेट मैच का शुभारंभ, एडवोकेट दुष्यंत नायक ने किया महिला खिलाडियों का उत्साहवर्धन

December 4, 2024
the RSS chief, Chief Imam Ilyasi

RSS प्रमुख से मुलाकात के बाद चीफ इमाम इलियासी बोले- ‘राष्ट्र-ऋषि’ हैं मोहन भागवत

September 22, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • अभिषेक शर्मा के फिट होने की दुआ क्यों कर रहा पाकिस्तान?
  • शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां!
  • किसानों के लिए KCC में होने जा रहे ये 4 बड़े बदलाव, RBI का ऐलान!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.