नई दिल्ली: एनसीईआरटी 12वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की नई किताब बाजार में आ गई है। इनमें कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद किए गए हैं। कुछ अहम बदलावों में शामिल है- बाबरी मस्जिद का नाम नहीं लिखा गया है। उसकी जगह ‘तीन गुंबदों वाली संरचना’ लिखा गया है। साथ ही, अयोध्या मामले से जुड़ी जानकारी को घटाकर आधा कर दिया गया है, जो पहले चार पेज में थी, अब वह दो पेज में है। NCERT 12th Political Science Book में जो बदलाव हुए हैं, वे हाल के दौर में भारत की राजनीति में आए नए बदलावों को दर्शाते हैं।
बीते दिनों NCERT ने अपनी वेबसाइट पर लिखा था, ‘राजनीति में आए नए बदलावों को देखते हुए विषयवस्तु को अपडेट किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले और उसके स्वागत के बाद अयोध्या मामले पर लिखी गई बातें पूरी तरह से बदल दी गई हैं।’ एनसीईआरटी क्लास 12 पॉलिटिकल साइंस की किताब से बाबरी मस्जिद विध्वंस और हिंदुत्व का जिक्र हटा दिया है।
पहले अयोध्या विवाद वाले हिस्से में दिसंबर 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराए जाने और भारतीय राजनीति, राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता पर पड़ने वाले उसके असर के बारे में बताया गया था। अब नई किताब में लिखा है कि- सदियों पुराने राम जन्मभूमि मंदिर के कानूनी और राजनीतिक विवाद ने भारतीय राजनीति को प्रभावित किया, जिसका नतीजा 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के रूप में सामने आया।
पहले की किताब में लिखा था कि सीमा के दोनों ओर से हजारों महिलाओं का अपहरण कर लिया गया, उनका धर्म परिवर्तन कराकर जबरन शादी कर दी गई और कभी-कभी तो ‘परिवार के सम्मान’ के लिए उनके परिवारों ने ही उन्हें मार डाला। नए संस्करण में ‘सीमा के दोनों ओर से’ वाक्यांश को हटा दिया गया है और इसे और अधिक सामान्य बना दिया गया है।
पहले ‘लेफ्ट’ का मतलब था गरीबों का साथ देने वाले लोग और उनके फायदे के लिए सरकारी नीतियां। लेकिन अब के वर्जन में ‘लेफ्ट’ का मतलब बदल गया है। नई किताब में ‘Left’ उन्हें कहा गया है जो खुली प्रतिस्पर्धा की बजाय अर्थव्यवस्था पर सरकारी नियंत्रण चाहते हैं।
पहले की किताब में लिखा था कि पाकिस्तान विवादित क्षेत्र को ‘आजाद पाकिस्तान’ कहता है, जबकि भारत इसे अवैध कब्जे वाला क्षेत्र मानता है। नए संस्करण में लिखा है कि भारत इस क्षेत्र को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (POJK) कहता है, जोकि भारत सरकार के ताजा रुख के मुताबिक है।
पहले की किताब में राम जन्मभूमि आंदोलन और बाबरी मस्जिद विध्वंस के राजनीतिक इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए थे। नए संस्करण में सिर्फ राम जन्मभूमि आंदोलन पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
पहले की किताब में बाबरी मस्जिद विध्वंस और भारतीय राजनीति पर उसके असर पर चर्चा की गई थी। नए संस्करण में राम जन्मभूमि मंदिर विवाद के भारतीय राजनीति पर पड़ने वाले असर पर प्रकाश डाला गया है, जिसका नतीजा 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर का निर्माण है।
धर्मनिरपेक्षता, पेज 112 पर लिखा था कि 2002 में गुजरात में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों में 1,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर मुसलमान थे। अब नई किताब में लिखा है कि दंगों में 1,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि किसी भी दंगे में सभी समुदायों के लोग पीड़ित होते हैं।
चैप्टर 8- धर्मनिरपेक्षता, पेज 117 पर पहले लिखा था कि नेहरू ने बहुसंख्यक समुदाय के सांप्रदायिकता को राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बताया था। नए संस्करण में राष्ट्रीय एकता का जिक्र हटा दिया गया है और सिर्फ नेहरू द्वारा सांप्रदायिकता की आलोचना पर ध्यान केंद्रित किया गया है।







