Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home धर्म

सावन में रुद्राक्ष धारण करने का ये होता है विशेष महत्व, जान लें इसके नियम

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 27, 2024
in धर्म
A A
Rudraksha
11
SHARES
357
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली:  सावन का पावन महीना शुरू हो चुका है. इस महीने में महादेव के साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में जो भी शिव भक्त भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चाना करता है उसके जीवन में हमेशा ही सुख और समृद्धि आती है. बहुत सारे लोग रुद्राक्ष धारण करना चाहते हैं और सावन का महीना रुद्राक्ष धारण करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं.

दरअसल, रुद्राक्ष धारण करने से व्‍यक्ति पर भगवान शिव की कृपा सदा बनी रहती है. इसे धारण करने से व्‍यक्ति सारे संकटों से बचा रहता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. रुद्राक्ष को विज्ञान में भी बहुत असरकारक माना गया है. इससे कई बीमारियों से बचाव होता है. तो आइए जानते हैं कि सावन में रुद्राक्ष धारण करने का महत्व क्या है.

इन्हें भी पढ़े

Nautapa

नौतपा की तपिश बढ़ाएगी मुश्किलें! इन 4 चीजों का दान दिलाएगा राहत और सुख-शांति

May 24, 2026

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? यहां जानें तिथि

May 21, 2026
मंत्र पुष्पांजलि

क्या आप आरती के बाद मंत्र पुष्पांजलि के महत्व के बारे में जानते हैं?

May 18, 2026
अश्वत्थामा

धर्म गाथा: श्रीकृष्ण के श्राप के बाद अश्वत्थामा की दिव्य मणि का क्या हुआ?

May 16, 2026
Load More

रुद्राक्ष और इसका महत्व

रुद्राक्ष एक पेड़ के फल की गुठली है. रुद्राक्ष का औषधीय और आध्यात्मिक महत्व भी है. ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष भगवान शिव के आंसुओं से पैदा हुए थे. रुद्राक्ष को धारण और प्रयोग से विशेष तरह के परिणाम और फल मिलते हैं. वहीं, रुद्राक्ष अकाल मृत्यु तथा शत्रु बाधा से रक्षा करता है. कुल मिलाकर चौदह मुखी रुद्राक्ष पाए जाते हैं और इसके अलावा गौरी-शंकर और गणेश रुद्राक्ष भी पाए जाते हैं.

रुद्राक्ष रखने में सावधानियां

रुद्राक्ष को लाल धागे या पीले धागे में पहनें. साथ ही रुद्राक्ष को पूर्णिमा, अमावस्या या सोमवार को पहनना श्रेष्ठ माना जाता है. सावन के इस महीने में रुद्राक्ष किसी भी दिन पहना जा सकता है क्योंकि सावन हर दिन शुभ माना जाता है. रुद्राक्ष 1, 27, 54 और 108 की संख्या में धारण करना चाहिए. रुद्राक्ष धारण करने के बाद सात्विकता का पालन करना चाहिए. रुद्राक्ष को धातु के साथ धारण करना और भी अच्छा होता है. दूसरे की धारण की हुण रुद्राक्ष की माला धारण ना करें. साथ ही सोते समय भी रुद्राक्ष उतार देना चाहिए.

कौन सा रुद्राक्ष बनाएगा मालामाल

एक मुखी रुद्राक्ष

ये साक्षात शिव का स्वरूप माना जाता है. सिंह राशि वालों के लिए एक मुखी बेहद शुभ माना जाता है. कुंडली में सूर्य संबंधित समस्या हो तो मुखी रुद्राक्ष पहनें.

दो मुखी रुद्राक्ष

ये अर्धनारीश्वर स्वरूप माना जाता है. कर्क राशि के जातकों के लिए ये बहुत शुभ माना जाता है. वैवाहिक जीवन में समस्या हो तो दो मुखी रुद्राक्ष धारण करें.

तीन मुखी रुद्राक्ष

ये रुद्राक्ष अग्नि और तेज का स्वरूप होता है. मेष और वृश्चिक राशि के लोगों के लिए ये रुद्राक्ष उत्तम परिणाम देता है. मंगल दोष के निवारण के लिए इसी रुद्राक्ष ता प्रयोग किया जाता है.

चार मुखी रुद्राक्ष

ये रुद्राक्ष ब्रह्मा का स्वरूप माना जाता है. मिथुन और कन्या राशि के लिए ये सर्वोत्तम रुद्राक्ष है. त्वचा के रोगों और वाणी की समस्या में ये लाभदायक है.

पांच मुखी रुद्राक्ष

इसको कालाग्नि भी कहा जाता है. इसको धारण करने से मंत्र शक्ति और अद्भुत ज्ञान प्राप्त होता है. जिनकी राशि धनु या मीन हो या जिसकी शिक्षा मे बाधा आ रही हो. ऐसे लोग पंच मुखी रुद्राक्ष धारण करें.

छह मुखी रुद्राक्ष

इसको भगवान कार्तिकेय का स्वरूप माना जाता है. कुंडली में शुक्र कमजोर हो अथवा तुला या वृष राशि हो तो छह मुखी रुद्राक्ष धारण करें.

सात मुखी रुद्राक्ष

ये सप्तमातृका तथा सप्तऋषियों का स्वरूप माना जाता है. मारत दशाओं और गंभीर स्थितियों में इसको धारण करें. अगर मृत्युतुल्य कष्टों का योग हो या मकर और कुंभ राशि के जातक सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करें.

आठ मुखी रुद्राक्ष

ये अष्टदेवियों का स्वरूप है. इसको धारण करने से अष्टसिद्धियां प्राप्त होती है. इसको धारण करने से आकस्मिक धन की प्राप्ति सहज होती है जिनकी कुंडली में राहु से संबंधी समस्याएं हो. वह आठ मुखी रुद्राक्ष को धारण करें.

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष

एकादश मुखी रुद्राक्ष स्वयं शिव का स्वरूप माना जाता है. संतान संबंधी समस्याओं के निवारण और संतान प्राप्ति के लिए इस रुद्राक्ष को धारण आवश्य करें.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
india-china

PM मोदी पर चीन की भविष्यवाणी, अबकी बार 430 पार!

May 16, 2024
Dangers of AI Tools

ऐसे चुनावों को प्रभावित और लोकतंत्र को कमजोर कर सकता है AI

June 5, 2023
ro plant

शासन के द्वारा निर्धारित गाइड लाइन को धत्ता बता कर संचालित किए जा रहे आरओ प्लांट

April 23, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • UP : निराश्रित महिलाओं के लिए भरोसे की मजबूत कड़ी बनी पेंशन योजना, जल्द खाते में पहुंचेगी राशि
  • बेंगलुरु-गुजरात की जंग में कौन-सी टीम बाजी मार करेगी फाइनल में एंट्री?
  • बेंगलुरु: पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, 6 पुलिसकर्मी निलंबित

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.