नई दिल्ली। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों में आम आदमी का बजट खराब कर दिया। अब लोग कहीं भी जाने से पहले दस बार सोचते हैं और हिसाब लगाते हैं कि आने-जाने में कितना पेट्रोल लगेगा। हालांकि, Google Maps का एक खास फीचर आपको महंगाई में रहात दे सकता है और हजारों रुपये की बचत करवा सकता है।
पेट्रोल बचाने वाला रास्ता
Google Maps में एक ऐसी हिडन फीचर है जो आपकी ड्राइविंग की आदतों को बदले बिना फ्यूल का खर्च कम करने में मदद कर सकता है। Android और iPhone पर उपलब्ध Google Maps का ‘fuel-efficient routes’ ऑप्शन आपको चुपचाप ऐसे रास्ते सुझाता है जिनमें कम फ्यूल लगता है, जबकि यात्रा का समय लगभग उतना ही रहता है। 2026 में जब फ्यूल की कीमतें लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं, तो यह फीचर आपके रोजाना के सफर में पैसे बचा सकता है।
सड़क की ढलान का भी पता लगता है फीचर
ज्यादातर लोग Google Maps खोलते हैं और बिना दूसरे रास्तों को देखे सबसे तेज रास्ता चुन लेते हैं। लेकिन Google Maps यह भी पता लगाता है कि किन रास्तों पर कम फ्यूल खर्च होगा। बेहतर रास्ता सुझाने से पहले यह ऐप ट्रैफिक के फ्लो, सड़क की ढलान, बार-बार रुकने और चलने के पैटर्न, स्पीड में एक जैसापन और दूरी को ध्यान में रखता है। कभी-कभी, वह रास्ता कुछ मिनट धीमा हो सकता है, लेकिन उससे आपके फ्यूल टैंक पर कम असर पड़ता है।
गूगल मैप्स पूछेगा आपकी गाड़ी का इंजन टाइप
Google का कहना है कि यह फीचर इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह की गाड़ी चलाते हैं। हाईवे पर डीजल कार बेहतर परफॉर्म कर सकती है, जबकि हाइब्रिड और EV अक्सर शहर के ट्रैफिक में ज्यादा बेहतर काम करती हैं, क्योंकि उनमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग होती है। अगर यूजर खुद से इंजन का प्रकार नहीं चुनते हैं, तो पेट्रोल डिफॉल्ट सेटिंग के तौर पर रहता है।
सेटिंग को कैसे ऑन करें
इसे ऑन करने में 1min से भी कम समय लगता है। इसके लिए Google Maps ओपन करें → अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें → Settings पर जाएं → Navigation पर जाएं → नीचे Route options तक स्क्रॉल करें → यहां ‘Prefer fuel-efficient routes’ का ऑप्शन दिखाी देगा, उसे ऑन कर दें। रूट एक्युरेसी को बेहतर करने के लिए आप अपने वाहन का इंजन टाइप (पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक) भी चुन सकते हैं। एक बार ऑन होने पर, गूगल मैप्स खुद एक एक छोटे हरे पत्ते के आइकन के साथ एक रास्ता दिखाता है, यह दर्शाता है कि यह सबसे तेज विकल्प की तुलना में कम ईंधन का उपयोग करता है।
क्या इससे सच में पैसे बचेंगे?
इसका जवाब आपके रास्ते और गाड़ी चलाने के तरीके पर निर्भर करता है। गूगल का कहना है कि इस फीचर का मकसद भारी ट्रैफिक, खड़ी चढ़ाई वाले रास्तों और बार-बार ब्रेक लगाने से बचकर ईंधन की खपत को कम करना है। लंबी ड्राइव या रोजाना ऑफिस आने-जाने में, थोड़ी-थोड़ी बचत भी हफ्तों में काफी हो सकती है। फिर भी, लोगों को किसी बड़े चमत्कार की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। पेट्रोल के बढ़ते खर्च से जूझ रहे लोगों को ट्रिक आजमाने चाहिए। इसे ऑन करने में कोई खर्च नहीं है, यह बैकग्राउंडमि में काम करता है, और चुपचाप हर लीटर को थोड़ा आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।







