विकाश शुक्ला
उमरिया, मध्य प्रदेश। आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उमरिया जिले के गुरुवाही में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन में महिलाओं के खातों में योजना की 41वीं किस्त अंतरित करने के साथ जिले को विकास कार्यों और कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की सौगात दी। कार्यक्रम में कुल 144 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।

वहीं मानपुर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी घोषणाओं ने स्थानीय विकास को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं। विधायक मीना सिंह की मांग पर क्षेत्र के कई हायर सेकेंडरी विद्यालयों को सांदीपनि विद्यालय के रूप में उन्नयन करने की घोषणा की गई। इसके अलावा बरबसपुर उप तहसील को तहसील बनाने, चिल्हारी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने और नगर परिषद गठित करने सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं मंच से की गईं।

1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में पहुंचे 1,834 करोड़ :
गुरुवाही में आयोजित सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त के रूप में 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,834 करोड़ रुपये अंतरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके बच्चों, बुजुर्गों और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार है। उन्होंने महिलाओं को परिवार और समाज की शक्ति बताते हुए उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 23 लाख बहनों के खातों में गैस कनेक्शन से संबंधित सहायता के रूप में 115 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों तक रसोई गैस की सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना शुरू की। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में इस पहल के तहत बहनों के खातों में 1,633 करोड़ रुपये पहुंचाए गए हैं।
मानपुर को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात
कार्यक्रम में मानपुर विधानसभा क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की गई। विधायक मीना सिंह की मांग पर धमोखर, चंसुरा, गुरुवाही, बसकुटा, सुंदरदादर, बड़वाही, मालाचुआ सहित कुछ अन्य हायर सेकेंडरी विद्यालयों को सांदीपनि विद्यालय में उन्नयन करने की घोषणा की गई। इन विद्यालयों के उन्नयन से क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में पहल की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने उमरिया में सांदीपनि विद्यालय के निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी प्रदान करने जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।
तहसील, स्वास्थ्य केंद्र और नगर परिषद की घोषणाएं
मानपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी कई घोषणाएं की गईं। बरबसपुर उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने की घोषणा से क्षेत्र के लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बेहतर स्थानीय सुविधा मिलने की उम्मीद है। चिल्हारी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा भी की गई, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने का रास्ता खुलेगा।
इसके साथ ही चिल्हारी को नगर परिषद बनाने की घोषणा की गई। इससे क्षेत्र में नगरीय प्रशासन और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बनेंगी। पाली ब्लॉक के अमिलिहा में उप तहसील स्थापित करने की घोषणा भी की गई, जबकि मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल में उन्नत करने का ऐलान किया गया। इन घोषणाओं का उद्देश्य क्षेत्र में प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
गांवों में बसें चलाने और ग्रामीण आय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी गांवों में सरकारी बसें चलाने का निर्णय लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण परिवहन की सुविधा बढ़ने से गांवों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने दूध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेती में फसल तैयार होने में तीन से चार महीने लगते हैं, जबकि दूध उत्पादन से प्रतिदिन आय प्राप्त हो सकती है। मुख्यमंत्री ने पशुपालन को ग्रामीण परिवारों की नियमित आमदनी बढ़ाने का माध्यम बताते हुए विभिन्न वर्गों के हितग्राहियों के लिए अनुदान और डेयरी इकाइयों को प्रोत्साहन देने की योजनाओं का उल्लेख किया।
50 लाख परिवारों को निःशुल्क रजिस्ट्री देने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे 50 लाख परिवारों को उनकी जमीन की रजिस्ट्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने इसे ग्रामीण और गरीब परिवारों को मालिकाना हक, सुरक्षा तथा सम्मान प्रदान करने की दिशा में प्रस्तावित कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी परिवारों को आवासीय सुरक्षा उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने पक्के मकान और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्वसहायता समूहों के उत्पादों और आजीविका गतिविधियों का अवलोकन
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न सरकारी विभागों की प्रदर्शनियां लगाई गई थीं। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टॉल पर स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया। आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के अंतर्गत स्वसहायता समूह की महिलाओं को वाहन की चाबियां भी भेंट की गईं। इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने और महिलाओं को उद्यम से जोड़ने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया।
उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर मशरूम उत्पादन, ग्रो बैग, मशरूम बीज, हाइग्रोमीटर और जैविक सब्जियों का प्रदर्शन किया गया। कृषि विभाग की प्रदर्शनी में कोदो, कुटकी, रागी और अन्य मोटे अनाज से तैयार व्यंजनों ने ध्यान आकर्षित किया। कंगनी और सामा की खीर, रागी इडली, कोदो इडली, रागी के लड्डू, महुआ के लड्डू तथा अन्य स्थानीय खाद्य उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय कृषि उत्पादों, पोषण और महिला समूहों के उद्यमों को सामने लाया गया।
लाड़ली बहनों पर पुष्पवर्षा, दिव्यांगजनों को मिली ट्राईसाइकिल
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित लाड़ली बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और समाज में महिलाओं की भूमिका को प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार और समाज के निर्माण में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण है और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करना जरूरी है।
कार्यक्रम में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल की चाबियां भी सौंपी गईं। इससे लाभार्थियों को आवागमन में सुविधा और दैनिक गतिविधियों में अधिक स्वतंत्रता मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग की प्रदर्शनी में आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, सिकल सेल से संबंधित गतिविधियों और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
पूजा-अर्चना और लोक संस्कृति के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मां बीरासनी की पूजा-अर्चना, दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन के साथ हुई। स्थानीय कलाकारों ने ढोल-मादर की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आयोजन में जनजातीय नायकों रानी दुर्गावती और बिरसा मुंडा का स्मरण किया गया। स्थानीय कला और विद्यार्थियों की गतिविधियों को भी कार्यक्रम में स्थान मिला।
इस अवसर पर शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह, उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान, मानपुर विधायिका मीना सिंह, बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह लल्लू, जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर रहा जोर
गुरुवाही में आयोजित सम्मेलन में महिला कल्याण योजनाओं के साथ विकास कार्यों और ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार को प्रमुखता दी गई। एक ओर लाड़ली बहना योजना की किस्त और उज्ज्वला सहायता राशि के अंतरण की जानकारी दी गई, वहीं दूसरी ओर मानपुर क्षेत्र में विद्यालयों के उन्नयन, तहसील और उप तहसील की स्थापना, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तथा नगर परिषद बनाने जैसी घोषणाएं सामने आईं।
इन घोषणाओं के धरातल पर क्रियान्वयन से क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाओं और आवागमन की सुविधाओं में लाभ मिलने की संभावनाएं हैं। अब इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन, संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई और समय-सीमा पर क्षेत्रवासियों की नजर रहेगी।
सीएम दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने डिटेन किया :
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया प्रवास के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का मामला भी सामने आया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिले के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की निगरानी में रखे जाने की जानकारी कांग्रेस की ओर से दी गई। कांग्रेस के अनुसार, कार्यकर्ता जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाना चाहते थे।

इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल को उनके कार्यालय में ही रोके जाने की जानकारी प्रकाश में आई, जबकि युवा कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को नौरोजाबाद, घुनघुटी, मानपुर, उमरिया और चंदिया सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में रखे जाने का दावा किया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे जनसमस्याओं को उठाने के अवसर से वंचित करने वाला कदम बताया।
जानकारी के अनुसार, उनकी प्रमुख मांगों में आदिवासी परिवारों की जमीन से जुड़े विवाद, हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ओवरब्रिज की समस्या, किसानों का फसल पंजीयन, बिजली कटौती तथा नवनिर्मित अस्पताल को शुरू करने जैसे मुद्दे शामिल थे। इस घटनाक्रम के साथ मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विकास संबंधी घोषणाओं के अलावा जिले की जनसमस्याओं और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा रही।







