नई दिल्ली। एनालिस्ट्स और इंडस्ट्री के सूत्रों के अनुसार, वेनेजुएला के तेल भंडार पर अमेरिका का कंट्रोल या रीस्ट्रक्चरिंग से भारत को फायदा हो सकता है। एनालिस्ट्स ने बताया कि इस घटनाक्रम के चलते काफी समय से लंबित भारत के लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर के बकाए की वसूली हो सकती है। साथ ही प्रतिबंधों से प्रभावित वेनेजुएला में भारतीय कंपनियों द्वारा संचालित तेल सेक्टर से कच्चे तेल का प्रोडक्शन भी बढ़ सकता है। वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हमला कर अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो समेत उनकी पत्नी को लेकर न्यूयॉर्क चला गया है।
भारत एक समय वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल का प्रमुख इंपोर्टर देश था। अपने चरम काल के दौरान भारत वेनेजुएला से हर दिन 4,00,000 बैरल से अधिक का आयात करता था। हालांकि, 2020 में अमेरिकी प्रतिबंधों और कम्प्लायंस जोखिमों के कारण यह आयात बाधित हो गया था।
भारत की प्रमुख विदेशी तेल खोज और उत्पादन कंपनी, ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) पूर्वी वेनेजुएला के सैन क्रिस्टोबल तेल क्षेत्र का संयुक्त रूप से ऑपरेट करती है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण आवश्यक टेक्नोलॉजी, उपकरण और सेवाओं तक पहुंच बाधित होने से वहां उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसके बाद व्यावसायिक रूप से उपयोगी भंडार लगभग फंस गए।
इतने फायदेमंद भंडार का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल नहीं हो पाया है। वेनेजुएला सरकार ने इस प्रोजेक्ट में OVL की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी पर 2014 तक के 53.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर का डिविडेंड अभी तक नहीं चुकाया है। इसके बाद की अवधि के लिए भी लगभग समान राशि बकाया है। लेकिन ऑडिट की अनुमति न मिलने के कारण इन दावों का निपटारा रुका हुआ है।
प्रोडक्शन में होगा इजाफा
एनालिस्ट्स के अनुसार, यदि अमेरिका वहां के तेल भंडार को अपने कंट्रोल में लेता है, तो प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। इसके बाद ओवीएल गुजरात और अन्य क्षेत्रों से रिग एवं अन्य इक्विपमेंट भेजकर प्रोडक्शन बढ़ा सकती है। इस समय यह प्रोडक्शन घटकर मात्र 5,000 से 10,000 बैरल प्रतिदिन रह गया है।
अधिकारियों का अनुमान है कि यदि एडवांस्ड इक्विपमेंट और अतिरिक्त तेल कुओं का उपयोग किया जाए, तो प्रोडक्शन बढ़कर 80,000 से 1,00,000 बैरल प्रतिदिन हो सकता है। इसके लिए जरूरी रिग्स पहले से ही ONGC के पास उपलब्ध हैं। अमेरिकी कंट्रोल का अर्थ यह भी है कि ग्लोबल मार्केट में वेनेजुएला से एक्सपोर्ट जल्द ही बहाल हो सकता है। इससे ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) को अपने पुराने बकाए की वसूली में सहायता मिलेगी।
ट्रेड फ्लो तेजी से होगा बहाल
OVL ने पहले US ट्रेजरी डिपार्टमेंट के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) से विशेष लाइसेंस के तहत प्रतिबंधों में छूट की मांग की थी, जैसा कि शेवरॉन को दिया गया था। केप्लर के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निखिल दुबे ने कहा कि प्रतिबंधों में ढील से ट्रेड फ्लो तेजी से बहाल हो सकता है। साथ ही वेनेजुएला का कच्चा तेल फिर से भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंच सकता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज, नयारा एनर्जी, इंडियन ऑयल और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी जैसी भारतीय रिफाइनरियों के पास भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने की एडवांस्ड क्षमताएं हैं। विश्लेषकों के अनुसार वेनेजुएला के तेल की वापसी से वैश्विक बाजार में कीमतों में स्थिरता आएगी। इससे भारत जैसे आयातक देशों को रणनीतिक लाभ मिलेगा।
अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को किया कैद
अमेरिका ने शनिवार को एक सैन्य अभियान के तहत तेल समृद्ध वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया था। अमेरिकी सैनिक मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क ले गए हैं। अमेरिकी कार्रवाई के बाद वेनेजुएला ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।
अमेरिका ने मादुरो पर ड्रग्स की तस्करी में शामिल होने का लगातार आरोप लगाने के बाद वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर शनिवार (3 जनवरी) रात को सैन्य हमला किया। मादुरो ने आरोपों का कड़े शब्दों में खंडन किया था।
अमेरिकी हमले पर भारत ने क्या कहा?
भारत ने रविवार को अमेरिकी सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़े जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। साथ ही कहा कि वह तेल समृद्ध दक्षिण अमेरिकी देश में तेजी से बदल रही स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय है। हम तेजी से बदलती स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।”
मंत्रालय ने कहा, “भारत वेनेजुएला के लोगों के कुशल-क्षेम और उनकी सुरक्षा के प्रति समर्थन की फिर पुष्टि करता है।” बयान में कहा गया, “हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।”
विदेश मंत्रालय ने कहा कि काराकस स्थित भारत का दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है। वह उन्हें हरसंभव सहायता देता रहेगा। शनिवार रात भारत ने अपने नागरिकों को वेनेजुएला की सभी गैर जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी।







