Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

US-Iran जंग से उछला क्रूड ऑयल, महंगाई का खतरा बढ़ा

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
March 8, 2026
in विश्व, व्यापार
A A
Crude oil
16
SHARES
547
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है. फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 30 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है. हाल ही में यह करीब 9 फीसदी उछलकर 93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. ऊर्जा बाजार में इस तेजी ने दुनिया भर के निवेशकों को चिंतित कर दिया है. क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ने का असर केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरी अर्थव्यवस्था की लागत संरचना को प्रभावित करता है. यही वजह है कि भारतीय शेयर बाजार के निवेशक भी अब सतर्क नजर आ रहे हैं.

भारत के लिए क्यों अहम है कच्चा तेल

इन्हें भी पढ़े

pm modi-trump

इस काम के लिए ट्रंप प्रशासन ने भारत सरकार से मांगी मदद, जानिए

March 9, 2026
us israel attack on iran

ईरान से जंग में अमेरिका का ‘दिवाला’! हर दिन धुआं हो रहे इतने हजार करोड़

March 9, 2026
interest rates

देश के 6 बड़े बैंकों ने बदली FD की ब्याज दरें, जानिये कहां मिल रहा है ज्यादा ब्याज

March 9, 2026
killer robot

किलर रोबोट’ जो युद्ध में बरपा रहे हैं कहर, दुनियाभर के लिए बन रहे चिंता का सबब?

March 9, 2026
Load More

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है. देश अपनी जरूरत का लगभग 85 से 90 फीसदी तेल विदेशों से खरीदता है. ऐसे में तेल की कीमतों में हर एक डॉलर की बढ़ोतरी भारत के आयात बिल पर बड़ा असर डालती है. अनुमान है कि प्रति बैरल एक डॉलर की बढ़ोतरी से भारत का आयात बिल करीब 16 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है. अगर तेल लंबे समय तक महंगा रहता है तो इससे देश का चालू खाता घाटा बढ़ सकता है, रुपया कमजोर हो सकता है और आर्थिक संतुलन पर दबाव आ सकता है.

महंगाई बढ़ने का खतरा भी गहराया

ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी आमतौर पर महंगाई को बढ़ावा देती है. जब पेट्रोल और डीजल महंगे होते हैं तो परिवहन और उत्पादन लागत भी बढ़ जाती है. इससे कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आ सकती है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो महंगाई दर में भी उछाल आ सकता है. भारत में महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए केंद्रीय बैंक 2 से 6 प्रतिशत का लक्ष्य रखता है, लेकिन तेल की कीमतों में लगातार तेजी इस लक्ष्य को चुनौती दे सकती है.

खाड़ी क्षेत्र से जुड़े अन्य आर्थिक जोखिम

मिडिल ईस्ट संकट का असर केवल तेल तक सीमित नहीं है. भारत अपनी खाद और अन्य कच्चे माल का बड़ा हिस्सा भी इसी इलाके से आयात करता है. अगर वहां सप्लाई बाधित होती है तो कृषि और उद्योग दोनों की लागत बढ़ सकती है. इसके अलावा खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों से आने वाली रेमिटेंस यानी विदेश से भेजी जाने वाली रकम भी प्रभावित हो सकती है. अगर वहां आर्थिक गतिविधियां धीमी होती हैं तो भारत को मिलने वाली विदेशी मुद्रा में कमी आ सकती है.

शेयर बाजार और रुपये पर दबाव की आशंका

तेल की कीमतों में तेजी का असर शेयर बाजार और मुद्रा बाजार पर भी पड़ सकता है. जब आयात बिल बढ़ता है तो विदेशी निवेशक भी सतर्क हो जाते हैं. इससे विदेशी पूंजी का बाहर निकलना बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव बन सकता है. रुपया कमजोर होने से आयात और महंगा हो जाता है, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ जाता है. यही कारण है कि मौजूदा हालात में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

क्या आरबीआई बढ़ा सकता है ब्याज दरें?

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा या नहीं. अभी तक तेल की कीमतों का पूरा असर खुदरा महंगाई पर नहीं पड़ा है. विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल तेल कंपनियां कीमतों का कुछ बोझ खुद उठा रही हैं और पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत नहीं बढ़ाए गए हैं. इसलिए निकट भविष्य में महंगाई का असर सीमित रह सकता है. हालांकि अगर तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी रहती है तो नीति निर्माताओं को सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं. फिलहाल निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि वे वैश्विक घटनाओं और ऊर्जा बाजार की दिशा पर करीबी नजर बनाए रखें.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Floating Crane FC Hanuman

HSL ने फ्लोटिंग क्रेन एफसी हनुमान की मरम्मत कर वीपीए को सौंपा

November 8, 2023
murder

क्या है अमेरिका में 1 लाख लोगों को मौत की नींद सुलाने वाला फेंटेनल?

November 19, 2023

संतुलित बजट की आस

January 21, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • दिल्ली शराब नीति मामले मे CBI ने हाईकोर्ट के सामने क्या-क्या दावे किए?
  • इस काम के लिए ट्रंप प्रशासन ने भारत सरकार से मांगी मदद, जानिए
  • ईरान से जंग में अमेरिका का ‘दिवाला’! हर दिन धुआं हो रहे इतने हजार करोड़

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.