Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

किलर रोबोट’ जो युद्ध में बरपा रहे हैं कहर, दुनियाभर के लिए बन रहे चिंता का सबब?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
March 9, 2026
in विश्व
A A
killer robot
17
SHARES
574
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। साइंस फिक्शन फिल्मों में दिखने वाले ‘किलर रोबोट’ अब हकीकत बनकर आधुनिक युद्धक्षेत्रों में उतर रहे हैं। इन्हें टेक्निकल भाषा में लीथल ऑटोनॉमस वेपन सिस्टम कहा जाता है। ये ऐसे हथियार हैं जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के खुद अपना निशाना चुन सकते हैं और हमला कर सकते है। इसे लेकर दुनिया भर में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या जीवन और मृत्यु का निर्णय किसी एल्गोरिदम के हाथ में छोड़ना सही है?

क्या होते हैं ‘किलर रोबोट’ और कैसे करते हैं काम?

इन्हें भी पढ़े

india-china

नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

August 7, 2026
india-china

तिब्बत को चीन बना रहा सबसे बड़ा मिलिट्री हथियार, क्या है ‘ट्विन स्ट्रैटजी’ जिसने बढ़ाई भारत की टेंशन?

August 7, 2026
trump

ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ़ पर अमेरिका में बवाल, 25 राज्यों ने संघीय सरकार के खिलाफ़ दायर किया मुक़दमा

August 4, 2026
iran-us ceasefire

ईरान में कुछ बड़ा होने वाला है! US स्टेट डिपार्मेंट ने कहा- वहां से तुरंत निकलो

August 2, 2026
Load More

ये हथियार पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक सेंसर्स पर आधारित होते हैं। इनके काम करने का तरीका कुछ इस प्रकार है:

सेंसर्स का जाल: ये ड्रोन और रोबोट ‘लिडाार’ (LiDAR) सिस्टम से 3D मैप बनाते हैं और थर्मल कैमरों से अंधेरे में भी इंसानी शरीर की गर्मी पहचान लेते हैं।

AI का दिमाग: इनके भीतर लगा डीप लर्निंग सिस्टम लाखों छवियों का विश्लेषण कर मिलिसेकेंड में तय करता है कि सामने वाला व्यक्ति सैनिक है या आम नागरिक।

स्वार्म टेक्नोलॉजी (Swarm): कई बार सैकड़ों ड्रोन एक नेटवर्क की तरह काम करते हैं और एक-दूसरे से जानकारी साझा कर सामूहिक हमला करते हैं।

क्या है विवाद की मुख्य वजह?

दुनिया के 30 से अधिक देशों ने इन हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसके पीछे मुख्य चिंताएं ये हैं:

निर्णय की क्षमता: क्या एक मशीन को यह तय करने देना चाहिए कि किसे मारना है? आलोचकों का मानना है कि मशीनों में मानवीय संवेदना और युद्ध के नैतिक बोध की कमी होती है।

गलती की गुंजाइश: अगर AI किसी निर्दोष नागरिक को गलती से निशाना बना ले, तो इसका जिम्मेदार प्रोग्रामर, सैन्य कमांडर या कंपनी कौन होगा?

हैकिंग का खतरा: अगर ये घातक सिस्टम हैक हो जाएं, तो इनका इस्तेमाल खुद ऑपरेटरों के खिलाफ ही किया जा सकता है।

कौन पक्ष में, कौन विरोध में?

इस मुद्दे पर दुनिया दो गुटों में बंटी नजर आती है। ऑस्ट्रिया और न्यूजीलैंड जैसे 30 से ज्यादा देश संयुक्त राष्ट्र (UN) में इनके पूर्ण प्रतिबंध की वकालत कर रहे हैं। अमेरिका, रूस, चीन और इजरायल जैसी बड़ी सैन्य शक्तियां इन प्रतिबंधों का विरोध कर रही हैं। उनका तर्क है कि भविष्य के युद्धों में ये हथियार रणनीतिक बढ़त दिलाने के लिए अनिवार्य हैं।

क्या भारत भी प्रतिबंध लगाने वाले देशों में शामिल है?

भारत का रुख इस मामले में बहुत ही संतुलित और व्यावहारिक रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि हथियारों के इस्तेमाल में ‘मानवीय नियंत्रण’ अनिवार्य होना चाहिए। हालांकि भारत ने आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लगाने वाले 30 देशों के गुट का हिस्सा बनकर ‘पूर्ण बैन’ की मांग नहीं की है, लेकिन वह इसके रेगुलेशन का समर्थन करता है। अपनी सीमाओं की सुरक्षा और पड़ोसी देशों द्वारा AI तकनीक में किए जा रहे निवेश को देखते हुए, भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने से पीछे नहीं हटना चाहता।

पहली बार जब रोबोट ने खुद किया हमला

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में लीबिया में एक ऑटोनॉमस ड्रोन ने संभवतः पहली बार बिना किसी मानवीय आदेश के स्वतंत्र रूप से हमला किया था। इस घटना ने दुनिया भर के विशेषज्ञों को चौंका दिया और इस तकनीक के खतरों के प्रति सचेत किया।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Mother's Day

मदर्स डे: माँ के प्रेम और समर्पण का उत्सव!

May 11, 2025

ऑपरेशन सिंदूर: जानिए, ऑपरेशन सिंदूर पर हुई प्रेस ब्रीफ़िंग की बड़ी बातें !

May 7, 2025

विकसित भारत संकल्प यात्रा कैंप में प्रतिभाग करते मंत्री गणेश जोशी

December 11, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ‘थैंक्यू रेखा दीदी’: दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए जताया CM का आभार!
  • दिल्ली के सरकारी अस्पताल अब खुद करेंगे दवाओं और मेडिकल सामान की खरीद
  • नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.