नई दिल्ली: भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल स्पर्धा के फाइनल मैच से पहले ज्यादा वजन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद विनेश को फाइनल में खेलने का मौका नहीं मिला। यहाँ से मामला कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स में गया।
आज इस मामले में कोर्ट की तरफ से फैसला आना है। इस बीच कुछ ऐसी खबर सामने आई है, जिससे विनेश को सिल्वर मेडल मिल सकता है। कुश्ती के नियमों में लूपहॉल देखने को मिला है। इसे देखते हुए विनेश को सिल्वर मेडल देने का फैसला आ सकता है।
दरअसल कांस्य पदक मुकाबले में नियमों की अनदेखी हुई है। विनेश के मामले में यूनाइटेड रेसलिंग वर्ल्ड नियमों का हवाला देते हुए सिल्वर मेडल नहीं देने की मांग कर रहा है लेकिन कांस्य पदक मुकाबले में नियम रेपचेज नियम फॉलो नहीं हुआ है। इसे आधार बनाया जाए, तो विनेश के पक्ष में फैसला आ सकता है।
UWW नियमों के अनुसार फाइनलिस्ट से हारा हुआ रेसलर रेपचेज में जाता है। जापान की यूई सूसकी को कांस्य पदक मैच खेलने का मौका मिला था। अब यहाँ नियमों में लूपहॉल दिख रहा है। क्यूबा की यूसनेलीस गज़मैन और अमेरिका की सारा हिल्डेब्रान्ड के बीच फाइनल हुआ। सूसकी की हार तो विनेश के सामने हुई थीं और अब वह फाइनलिस्ट नहीं रहीं, तो रेपचेज में उसे कैसे खिलाया गया।
सवाल उठता है कि जब विनेश फाइनल में नहीं थीं, तो सुसकी को किस आधार पर रेपचेज से कांस्य पदक मैच खिलाया गया। यहाँ नियमों में झोल दिख जाता है। विनेश के मामले में UWW ने साफ़ तौर पर नियमों की बात कही, तो रेपचेज वाले मामले में नियमों की बात क्यों नहीं होनी चाहिए। यह मजबूत पॉइंट देखने पर कोर्ट सिल्वर का फैसला विनेश के पक्ष में दे सकता है। यह देखना होगा कि भारतीय कैम्प इस मामले को निर्णायक सुनवाई में किस तरह उठाता है। बता दें कि सुसकी वही है जिनको विनेश ने 82 जीत के बाद हरा दिया था।







