दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने मंगलवार को बड़ा दावा किया है. उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि साल 2010 के बाद आज पहली बार नगर निगम (MCD) में कमिश्नर से लेकर चपरासी तक, सफाई कर्मचारी से शिक्षक, माली से लेकर डीबीसी कर्मचारी तक को महीने की पहली तारीख को वेतन मिल रहा है. ये सब इसलिए हो पाया क्योंकि अब निगम में भी AAP की ईमानदार सरकार है. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि निगम के सभी कर्मचारियों से आज मेरी एक अपील है. मेरी तरफ से बच्चों और माता-पिताजी के लिए घर मिठाई जरूर लेकर जाना.
जो काम बीजेपी 13 साल में नहीं कर पाई, वो काम हमने सिर्फ़ 5 महीने में कर दिखाया –
2010 के बाद आज पहली बार नगर निगम में कमिश्नर से लेकर चपरासी तक, सफ़ाई कर्मचारी से लेकर शिक्षक तक, माली से लेकर डीबीसी कर्मचारी तक, सभी को महीने की पहली तारीख को वेतन मिल रहा है।
और ये सब इसलिए हो…
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 1, 2023
बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने दिसंबर 2022 में दिल्ली नगर निगम चुनाव के दौरान कर्मचारियों से सभी समस्याओं का हल निकालने का वादा किया था. इन्हीं में से एक प्रमुख वादा समय से एमसीडी के सभी तरह के कर्मचारियों को वेतन का भुगतान भी शामिल था. अभी तक सभी वादे पूरे न होने की वजह से विपक्षी दलों के नेता उन्हें निशाने पर ले रहे थे, लेकिन जुलाई माह का वेतन एक अगस्त को मिलने के बाबत ट्वीट कर उन्होंने एमसीडी के कर्मचारियों बड़ी सौगात दी है.
अध्यादेश कानून पर कई विपक्षी दलों का साथ
अरविंद केजरीवाल का दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों को लेकर यह बयान उस समय आया है, जब दिल्ली अध्यादेश के मसले पर विरोधी दलों के नेता उन पर चौतरफा हमला बोल रहे हैं. इतना ही नहीं, वो दिल्ली अध्यादेश कानून को राज्यसभा में पास होने से रोकने के लिए सभी विपक्षी दलों का साथ हासिल करने की मुहिम में जुटे हैं. उनके लिए इसके लिए वह लंबे अरसे से विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस मसले पर आम आमदी पार्टी को साथ देने का भरोसा भी दिया है. जानकारी के मुताबिक अभी तक सीएम अरविंद केजरीवाल राज्यसभा में अध्यादेश कानून को रोकने के लिए जरूरी 120 सांसदों का समर्थन नहीं मिल पाया है.







