Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

ईरान से परमाणु खतरा खत्म हुआ या नहीं ? इस जंग में अमेरिका और इसराइल ने क्या हासिल किया!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 24, 2025
in विश्व
A A
america and israel
19
SHARES
626
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर


तेहरान: ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म होने का दावा नहीं किया जा सकता, हालांकि इजरायल और अमेरिका ने इसके खिलाफ महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाइयां की हैं। 12 दिन तक चली इजरायल-ईरान जंग (13 जून से 24 जून) में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों नतांज, फोर्डो, इस्फहान, और अराक पर हमले किए। इन हमलों में बंकर बस्टर बम और सटीक हवाई हमलों का इस्तेमाल हुआ, जिससे इन साइटों को काफी नुकसान पहुंचा। IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) के प्रमुख राफाएल ग्रॉसी ने कहा कि फोर्डो में 60% यूरेनियम संवर्धन स्थल पर गड्ढे दिखाई दिए, जो गहरे हमलों का संकेत देते हैं।

इन्हें भी पढ़े

india uae

भारत-UAE साझेदारी बन सकती है गेमचेंजर!

May 19, 2026
f-35 fighter jet

अब US फाइटर जेट को आसानी से तबाह कर सकता है ईरान!

May 19, 2026
मस्जिद

मस्जिदों में दी जा रही हथियार चलाने की ट्रेनिंग, 3 करोड़ लोगों का रजिस्ट्रेशन

May 17, 2026
STSS

इबोला का किलर वर्जन! जिसने दो मुल्कों में मचा दिया हड़कंप

May 17, 2026
Load More

क्षतिग्रस्त साइटों तक पूरी पहुंच नहीं

हालांकि, ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ। ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था (AEOI) के प्रवक्ता बेहरोज कमालवंदी ने कहा, “हमारी परमाणु इंडस्ट्री की जड़ें गहरी हैं, और इसे खत्म नहीं किया जा सकता।” ईरान की संसदीय समिति ने यह भी फैसला लिया कि IAEA की निगरानी अब बंद की जाएगी, जिससे पारदर्शिता कम हो सकती है। इसलिए, हालांकि इजरायल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पीछे धकेला है, इसे पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता। IAEA को अभी तक क्षतिग्रस्त साइटों तक पूरी पहुंच नहीं मिली है, जिससे नुकसान का सटीक आकलन मुश्किल है।

इजरायल और अमेरिका ने इस जंग से क्या हासिल किया ?

इजरायल ने ऑपरेशन “राइजिंग लॉयन” के तहत ईरान के परमाणु ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसमें नतांज, फोर्डो, इस्फहान, और अराक शामिल हैं। मैक्सार की सैटेलाइट तस्वीरों से अराक रिएक्टर के भारी नुकसान की पुष्टि हुई।

अमेरिका ने 23 जून को तीन प्रमुख परमाणु साइटों पर बमबारी की, जिसे व्हाइट हाउस ने “ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सालों पीछे धकेलने” वाला कदम बताया। ईरान के कई परमाणु वैज्ञानिक और सैन्य कमांडर मारे गए, जिससे प्रोग्राम की तकनीकी और नेतृत्व क्षमता को झटका लगा।

सैन्य वर्चस्व का प्रदर्शन

इजरायल ने अपनी सैन्य और खुफिया क्षमता (IDF और मोसाद) का प्रदर्शन किया, यह साबित करते हुए कि वह ईरान के अंदर गहरे ठिकानों को निशाना बना सकता है। अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर अपनी सैन्य ताकत दिखाई, खासकर बंकर बस्टर जैसे हथियारों के उपयोग से। यह संदेश दिया गया कि वह मध्य पूर्व में अपने हितों की रक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई कर सकता है।

इजरायल और अमेरिका के हमलों से ईरान क्षेत्रीय स्तर पर अकेला पड़ गया। सऊदी अरब, यूएई जैसे सुन्नी देशों को भी ईरान के परमाणु हथियारों से खतरा है, इसलिए उन्होंने मौखिक निंदा के बावजूद सक्रिय विरोध नहीं किया। ईरान के सहयोगी (जैसे हूती, हिजबुल्लाह) ने सीमित जवाबी कार्रवाई की, लेकिन पाकिस्तान, तुर्की, और रूस जैसे देश केवल निंदा तक सीमित रहे।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घरेलू स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की, जनता को यह दिखाकर कि उन्होंने ईरान के खतरे को कम किया। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने यह दिखाने की कोशिश की कि वह ईरान के खिलाफ कठोर नीति अपना रहा है, जो उनके समर्थकों के बीच लोकप्रिय है।

क्या नहीं हासिल हुआ ?

ईरान का परमाणु कार्यक्रम अभी भी सक्रिय है, और उसकी जवाबी कार्रवाई (जैसे IAEA निगरानी बंद करना) से खतरा बढ़ सकता है। ईरान ने दावा किया कि “वह अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से तेज करेगा, जिससे भविष्य में तनाव बढ़ सकता है।”

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि इन हमलों से मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध का जोखिम बढ़ गया है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की धमकी दी, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है।

IAEA की जांच और कूटनीतिक प्रयास

ईरान के परमाणु ठिकानों को भारी क्षति पहुंची, 1000+ नागरिकों की मौत हुई, और सैन्य ढांचे को नुकसान हुआ। ईरान ने इजरायल पर 15 मिसाइलें दागीं और हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया, लेकिन उसकी जवाबी कार्रवाई सीमित रही। अमेरिका ने आखिरी चरण में हस्तक्षेप किया, लेकिन ट्रंप ने शुरू में इसे इजरायल का फैसला बताया। 24 जून को ट्रंप ने 12 घंटे का पूर्ण युद्धविराम घोषित किया, लेकिन इसका स्थायित्व अनिश्चित है।

इजरायल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अस्थायी रूप से कमजोर किया और अपनी सैन्य ताकत दिखाई, लेकिन परमाणु खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। ईरान की जवाबी नीतियां और क्षेत्रीय तनाव भविष्य में और जटिलताएं पैदा कर सकते हैं। सीजफायर के बाद IAEA की जांच और कूटनीतिक प्रयास इस क्षेत्र की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Rural Development Minister

ग्राम्य विकास मंत्री ने आवासविहीन पात्र परिवारों को सूची में सम्मिलित किए जाने का किया अनुरोध

September 16, 2023
CM Yogi

सीएम योगी ने बोले – राजस्व केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि विकास की आधारशिला है!

June 8, 2025
news

पत्रकारिता में विश्वास बहाल करना, नैतिक पत्रकारों की जिम्मेदारी!

September 18, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • भारत-UAE साझेदारी बन सकती है गेमचेंजर!
  • यूपी चुनाव : एक्टिव मोड में आई कांग्रेस, खास स्ट्रैटिजी पर है फोकस !
  • NTA में बड़ा फेरबदल, चार अधिकारियों की हुई नियुक्ति, संभालेंगे अलग-अलग जिम्मेदारी

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.