प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: देश की राजधानी, जहां सुरक्षा सबसे कड़ी मानी जाती है… लेकिन सोमवार की शाम, 10 नवंबर को, लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया है।
शाम करीब 6 बजकर 50 मिनट, लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर अचानक एक i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि छह आस-पास खड़ी गाड़ियां और कई ऑटो पल भर में आग की लपटों में घिर गए। धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया… और चारों ओर बस लाशों के टुकड़े, चीखें और सन्नाटा।
सूत्रों के मुताबिक, 9 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल एलएनजेपी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। फायर ब्रिगेड की 20 से ज़्यादा गाड़ियां, दिल्ली पुलिस, एनआईए, एनएसजी, और फोरेंसिक टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गईं।
प्रारंभिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट जैसे शक्तिशाली विस्फोटक के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि इस धमाके के पीछे किसी संगठित आतंकी नेटवर्क का हाथ हो सकता है, जिसके तार कई राज्यों तक फैले हैं।
अब इस पूरे मामले की जांच एनआईए, एनएसजी और दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा मिलकर जांच कर रही हैं। फिलहाल कार के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है।
चश्मदीदों का कहना है कि “धमाका इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।”
गृहमंत्री अमित शाह ने खुद रात में मौके का दौरा किया और यूएपीए (UAPA) के तहत मामला दर्ज करने के आदेश दिए। दिल्ली ही नहीं, बल्कि मुंबई, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
लाल क़िला — जो देश की आज़ादी का प्रतीक है, वहीं पर इस तरह का धमाका…सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल है। अब सबकी नज़रें हैं जांच एजेंसियों पर —क्या वो इस साजिश की असल जड़ तक पहुंच पाएंगी?
देखिए पूरी रिपोर्ट







