नई दिल्ली। असम में आज तीसरी बार एनडीए की सरकार बन गई.गुवाहटी में भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और सहयोगी दलों के नेताओं की उपस्थिति में हिमंता बिस्वा सरमा ने चार मंत्रियों के साथ शपथ ली. इससे पहले 9 मई को कोलकाता में बीजेपी की पहली पश्चिम बंगाल सरकार का शपथ ग्रहण हुआ था. इसी तरह बिहार और उत्तर प्रदेश में भी एनडीए सरकारों का मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है.अब सबकी नजरें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर टिक गईं हैं कि वे अपनी टीम का गठन कब करते हैं. इसी तरह केंद्रीय मंत्रिपरिषद में भी फेरबदल की अटकलें लगने लगी हैं.
26 मई को मोदी सरकार के 12 साल पूरे होंगे
इस महीने की 26 तारीख को केंद्र में पहली बार मोदी सरकार बनने के 12 साल पूरे हो रहे हैं जबकि अगले महीने की 9 तारीख को मोदी 3.0 के दो साल पूरे हो जाएंगे. अगर पिछले दो कार्यकालों को देखें तो प्रधानमंत्री मोदी ने पहले कार्यकाल में सरकार गठन के छह महीने बाद नवंबर 2014 में पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार किया था. इसके करीब डेढ़ साल बाद जुलाई 2016 में दूसरी बार विस्तार किया गया था.सितंबर 2017 में पहले कार्यकाल का अंतिम विस्तार किया गया था जिसमें कई मंत्रियों का प्रमोशन हुआ था.
मंत्रालय में फेरबदल की आशंका
दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी ने जुलाई 2021 में यानी सरकार बनने के करीब दो साल बाद पहली बार विस्तार किया था. यह इसके बाद मई 2023 में विभागों का फेरबदल किया गया था.मोदी ने नौ जून 2024 को तीसरी बार शपथ ली थी.दो साल पूरे होने वाले हैं.ऐसे में मंत्रिमंडल में विस्तार की अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं.अभी मंत्रिमंडल में 72 सदस्य हैं। अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं.ऐसे में जहां कुछ नए मंत्री बनाए जाने की संभावना है वहीं कुछ मौजूदा मंत्रियों को प्रदर्शन के आधार पर हटाने की अटकल भी लगाई जा रही है. माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले सात राज्यों के चुनावों को ध्यान में रख कर फेरबदल होगा और इसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन भी साधा जाएगा.
नितिन नवीन की नई टीम बनेगी
इसी तरह बीजेपी के नए अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम के गठन की भी चर्चा शुरू हो गई है.माना जा रहा कि जल्दी ही नितिन नवीन की टीम बन सकती है.वे 20 जनवरी को अध्यक्ष चुने गए थे. पार्टी नेताओं के अनुसार इसके लिए होम वर्क पूरा कर लिया गया है.माना जा रहा है कि युवा अध्यक्ष के साथ काम करने के लिए बनाई जाने वाली टीम में अनुभवी नेताओं के साथ ही युवाओं को भी मौका दिया जाएगा ताकि भविष्य के लिए नेतृत्व तैयार किया जा सके. नवीन की टीम में पचास वर्ष से कम उम्र के नेताओं को मौका दिया जा सकता है.कुछ अनुभवी नेता भी टीम में रहेंगे.नवीन की टीम में क्षेत्रीय संतुलन रखा जाएगा.साथ ही आने वाले चुनावों को ध्यान में रख कर टीम का गठन होगा.
बीजेपी सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय महासचिवों में कई नए चेहरे लाए जाएंगे.इन्हें राज्यों से लाया जाएगा ताकि राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार की जा सके और युवा अध्यक्ष के साथ काम करने में सहजता रहे. नई टीम में महिलाओं को खासतौर से तवज्जो दी जाएगी ताकि महिला आरक्षण को लेकर मोदी सरकार की पहल पर बल दिया जा सके.
पार्टी नेताओं के अनुसार जिस तरह स्वयं नितिन नवीन के चयन को लेकर आरएसएस और बीजेपी नेताओं में लंबा मंथन चला, ठीक वैसे ही उनकी टीम को लेकर भी गहन मंत्रणा हुई है.आरएसएस चाहता है कि ऐसे लोगों को जगह मिले जो विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध हों और संगठन को मजबूत दे सकें.वे कार्यकर्ताओं से जीवंत संपर्क रख सकें और आने वाले 15-20 वर्षों के लिए पार्टी की दशा और दिशा तय कर सकें.इस लिहाज से नितिन नवीन की टीम काफी महत्वपूर्ण साबित होने जा रही है.







