नई दिल्ली: महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, अब तक इस बर सस्पेंस बना हुआ है। विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के नतीजे आए हुए 7 दिन हो चुके हैं मगर सीएम के नाम पर BJP की अगुवाई वाली महायुति में अब तक मुहर नहीं लगी है। मगर शपथ ग्रहण की तारीख और स्थान दोनों तय हो गया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठा रहा है कि आखिरी सीएम के नाम पर पेंच कहां फंस रहा है।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को घोषणा की कि महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में शाम 5 बजे होगा। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के भी शामिल होने की बात कही गई है। साथ ही बीजेपी के तमाम बड़े नेता और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री के भी कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। मंच तो तैयार हो रहा है मगर मुख्यमंत्री के नाम की अब तक घोषणा नहीं हुई है।
कब होगा CM के नाम पर फैसला?
बीजेपी सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 2 दिसंबर को बीजेपी विधायकों की मुंबई में बैठक होनी है, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि महाराष्ट्र का अगला सीएम कोन होगा। बताया ये भी जा रहा है कि एकनाथ शिंदे ने भले यह कह दिया हो कि मुख्यमंत्री के नाम पर बीजेपी जो भी फैसला लेगी वो उन्हें मंजूर है। पीएम मोदी और शाह के फैसले को उनकी पार्टी के नेता भी वैसे ही स्वीकार कर लेंगे जैसे BJP करती है। मगर अंदरखाने में यह भी चर्चा है कि एकनाथ शिंदे गृह विभाग की मांग को लेकर जिद पर अड़े हैं।
क्या बिहार वाला फार्मूला होगा लागू?
राजनीति गलियारों में यह भी चर्चा चल रही है कि बिहार वाला फॉर्मूला क्या महाराष्ट्र में बीजेपी लागू करेगी या फिर एमपी-राजस्थान की तरह किसी नए नाम का ऐलान कर BJP सरप्राइज देगी। शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने बीते दिनों कहा भी था कि बीजेपी बड़ा दिल दिखाते हुए नीतीश कुमार को कम विधायक होने के बावजूद मुख्यमंत्री बनाया गया था, वैसे ही शिंद को महाराष्ट्र का सीएम बना सकती है। मगर बीजेपी और NCP अजीत पवार की मानें तो देवेंद्र फडणवीस ही महाराष्ट्र के नए सीएम होंगे।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम
बता दें कि तमाम अटकलों के बीच एनसीपी के अजित पवार ने शनिवार को एक बयान में कहा था कि देवेंद्र फडणवीस नए सीएम होंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महायुति के घटक दलों से दो उपमुख्यमंत्री बनेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी 132 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। महायुती की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी ने 132 सीटों पर, शिवसेना ने 57, एनसीपी ने 41 सीट पर जीत दर्ज की। वहीं महाविकास अघाड़ी में शिवसेना (UBT) ने 20, कांग्रेस ने 16, एनसीपी (शरद पवार) ने 10 सीट पर जीत दर्ज किया।







