नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वालों के लिए नया साल खुशियों की सौगात लेकर आया है. पीएम नरेन्द्र मोदी आज दिल्ली विश्वविद्यालय की तीन परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. इसमें वीर सावरकर के नाम पर भी एक कॉलेज बनाने का प्रस्ताव है, जिसको लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं, लेकिन इन सबके बीच यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए अहम यह है कि इन नई परियोजनाओं के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय कितना बदल जाएगा, तो आपको बता दें कि इन परियोजनाओं के लिए डीयू को लगभग 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
क्या-क्या होगा नया?
दिल्ली विश्वविद्यालय में आज जो आधारशिला रखी जा रही है, उसमें एक ईस्ट दिल्ली कैंपस, दूसरा वेस्ट दिल्ली और तीसरा वीर सावरकर कॉलेज है. अभी तक दिल्ली विश्वविद्यालय के दो कैंपस थे साउथ और नॉर्थ. अब डीयू के चार कैंपस हो जाएंगे. इससे डीयू में पढ़ने वालों के लिए सीटें बढ़ेंगी.
373 करोड़ में बनेगा पूर्वी परिसर
दिल्ली विश्वविद्यालय का पूर्वी परिसर सूरजमल विहार में बनेगा. यह लगभग 15.25 एकड़ का होगा. इस परियोजना पर 373 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. इस परिसर में एलएलबी, एलएलएम और पांच वर्षीय इंटेग्रेटेड एलएलबी प्रोग्राम के साथ अन्य कई कोर्स उपलब्ध होंगे. 59,618 वर्ग मीटर के इस परिसर में 60 क्लासरूम, 10 ट्यूटोरियल रूम, छह मूट कोर्ट, चार कंप्यूटर लैब, दो कैफेटेरिया और दो कॉमन रूम समेत स्टूडेंट्स के लिए कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
107 करोड़ में बनेगा पश्चिमी परिसर
दिल्ली विश्वविद्यालय का पश्चिमी परिसर द्वारका सेक्टर 22 में बनने जा रहा है. इस परिसर के एकेडमिक भवन पर तकरीबन 107 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. 19,434.28 वर्ग मीटर में बनने वाले इस परिसर में कुल 42 क्लासरूम, दो मूट कोर्ट, डिजिटल लाइब्रेरी, कॉन्फ्रेंस रूम, फैकल्टी रूम, कैफेटेरिया, कॉमन रूम और सेमिनार हॉल आदि होंगे. इसके अलावा छात्र एवं छात्राओं के लिए कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.
140 करोड़ में बनेगा वीर सावरकर कॉलेज
इसी तरह दिल्ली विश्वविद्यालय का वीर सावरकर कॉलेज नजफगढ़ में बनेगा. पश्चिमी परिसर से इस कॉलेज की दूरी महज पांच मिनट की है. यह यूईआर हाइवे के बिल्कुल पास में है. इस कॉलेज के निर्माण में लगभग 140 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. 18,816.56 वर्ग मीटर के इस कॉलेज परिसर में 24 क्लासरूम, 8 ट्यूटोरियल रूम, एक कैंटीन और 40 फैकल्टी रूम, लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम आदि की सुविधाएं होंगी. सावरकर के नाम पर बन रहे इस कॉलेज को लेकर राजनीति शुरू हो गई है. एनएसयूआई ने इसको लेकर विरोध जताया है. कांग्रेस के छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI)की मांग है कि कॉलेज का नाम वीर सावरकर की बजाय पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर होना चाहिए.







