नई दिल्ली: आप लोग जानते हैं कि भारत के दक्षिणी हिस्से में एक ऐसी नदी बहती है, जो हजारों किलोमीटर का सफर तय करती है. कई लोगों को इस नदी के बारे में जानते भी नहीं हैं. लेकिन यह नदी अपने आप में एक इतिहास, संस्कृति और लोगों का जीवन लेकर बहती है. आइए आज हम आपको इस नदी के बारे में पूरी जानकारी देंगे.
भारत की सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी कौन सी है?
भारतीय प्रायद्वीप की सबसे लंबी नदी गोदावरी नदी है. इसकी लंबाई करीब 1,465 किलोमीटर है. यह भारत की एक बड़ी और महत्वपूर्ण पूर्व की ओर बहने वाली नदी है. गोदावरी को दक्षिण गंगा या वृद्ध गंगा भी कहा जाता है. गोदावरी नदी का क्षेत्र भारत के कुल इलाके का करीब 10% हिस्सा होता है.
गोदावरी नदी का रास्ता
गोदावरी नदी का उद्गम महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्रिंबकेश्वर से होता है, जो पश्चिमी घाट में स्थित है. यहां से यह पूर्व दिशा में बहती हुई महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा से गुजरती है. अंत में, यह आंध्र प्रदेश के अंटारवेदी के पास बंगाल की खाड़ी में गिरती है. गोदावरी की प्रमुख सहायक नदियां हैं, प्राणहिता, वर्धा, वैनगंगा, पेंगंगा, इंद्रावती, मंजीरा और सबरी. यह नदी पहाड़ों, जंगलों और मैदानों से होकर बहती है, जिससे इसका मार्ग बहुत सुंदर है.
महत्व और उपयोग
गोदावरी नदी कृषि के लिए बहुत फायदेमंद है. यह लाखों किसानों को सिंचाई का पानी देती है और चावल, कपास, तंबाकू जैसी फसलों की उपज बढ़ाने में मदद करती है. नदी पर कई बांध बने हैं, जैसे पोलावरम और डॉवलेस्वरम बैराज, जो बिजली पैदा करते हैं और बाढ़ नियंत्रण में मदद करते हैं. गोदावरी जैव विविधता से भरपूर है, जहां कई प्रकार के जीव-जंतु और पक्षी पाए जाते हैं. हर 12 साल में गोदावरी पुष्करम उत्सव मनाया जाता है, जिसमें लाखों लोग स्नान करते हैं. यह नदी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती है और पर्यटन को बढ़ावा देती है.
चुनौतियां और संरक्षण
गोदावरी नदी बहुत काम की है, लेकिन इसे प्रदूषण, कब्जा और बदलते मौसम से खतरा हो रहा है. फैक्ट्रियों का कचरा और शहरों का गंदा पानी नदी को गंदा बना रहे हैं. सरकार अलग-अलग योजनाओं के जरिए नदी की सफाई और सुरक्षा करने की कोशिश कर रही है. अगर लोग जागरूक हों और ध्यान रखें, तो हम इस महत्वपूर्ण नदी को बचा सकते हैं. गोदावरी हमारी एक बड़ी धरोहर है, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है.







