नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा के सांसद ने निलंबन बढ़ाए जाने के बाद केंद्र सरकार पर जोरदार प्रहार किया है। राघव चड्ढा और अपने निलंबन के बाद मीडिया के सामने आए और कहा कि वह इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह 56 क्या सरकार के गलत फैसलों के खिलाफ 156 बार वेल में जाएंगे। उन्होंने इसे विपक्ष के लिए विरोध की व्यवस्था बताया। उन्होंने राहुल गांधी, राघव चड्ढा, डेरेक ओब्रायन और अधीर रंजन चौधरी का नाम लेकर कहा कि सरकार के खिलाफ बोलने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
संजय सिंह उनकी निलंबन बढ़ाए को गलत करार देते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार देखा गया है कि एक मामले में दो बार सजा सुनाई गई। ‘आप’ के दो अन्य राज्यसभा सांसदों एनडी गुप्ता और सुशील गुप्ता के साथ प्रेस कॉनफ्रेंस में संजय सिंह ने इसे अद्भुत, अजीब और हैरान करने वाला फैसला बताया। संजय सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण का जिक्र करते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि पीएम को मणिपुर की हिंसा पर जवाब देना था, लेकिन पता नहीं वह क्या-क्या बोले जा रहे थे। उन्होंने कहा, ‘सवाल हमने मणिपुर का उठाया था। मणिपुर में हो रही हैवानियत और हत्या का उठाया था। मणिपुर में कारगिल के योद्धा की पत्नी के साथ जो दरिंदगी की गई थी वह मुद्दा उठाया था। मोदी सरकार को शर्म आनी चाहिए, मणिपुर पर जवाब देने की बजाय संजय सिंह पर कार्रवाई कर रहे हैं। इस तरह की किसी कार्रवाई से हम लोग ना डरने वाले हैं ना रुकने वाले हैं।’
संजय सिंह ने कहा कि जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है उसे सस्पेंड किया जा रहा है या सदस्यता छीन ली जाती है। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी आपके खिलाफ बोलेंगे सदस्यता खत्म करो, राघव चड्ढा आपके खिलाफ बोलेंगे सदस्यता खत्म करो। डेरेक ओब्रायन बोलेंगे, सस्पेंड करो। अधीर रंजन चौधरी खिलाफ बोलेंगे सस्पेंड करो।’ उन्होंने कहा, ‘ये चाहते हैं कि जो भी बोलने वाले हैं सरकार के खिलाफ उनके मुंह पर ताला बंद करो। संसद को खत्म करो। सारा बवाल यहीं होता है, यहीं आकर लोग हमारे खिलाफ नारा लगाते हैं। बंद करके निकालो इनको। अगर आपको तानाशाही दिखानी है तो मैं तो कहता हूं कि अगली बार फांसी की सजा का प्रस्ताव लेकर आओ सदन में, नई परंपरा शुरू करो। जो हमारे खिलाफ बोलेगा फांसी की सजा दी जाती है।’ उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास लड़ाई और संघर्ष का रास्ता है।
राघव और संजय पर क्यों ऐक्शन?
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में आप के सांसद राघव चड्ढा को निलंबित कर दिया गया। विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक उन्हें निलंबित किया गया है। दिल्ली से जुड़े विधेयक को राज्यसभा में पेश किए जाने के दौरान राघव चड्ढा ने बिल को सलेक्ट कमिटी के पास भेजने का प्रस्ताव पेश किया था। इस दौरान कुछ सांसदों ने शिकायत की कि उनकी सहमति के बिना चड्ढा ने उनका नाम प्रस्तावित समिति में शामिल किया। यह मामला जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेजा गया है। इसके अलावा अशोभनीय आचरण और नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित किए गए आप सदस्य संजय सिंह के निलंबन की अवधि भी विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक बढ़ा दी गई।







