Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home लाइफस्टाइल

सिगरेट की लत क्यों नहीं छोड़ पाते लोग? एक्सपर्ट ने बताया ये कारण

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 30, 2026
in लाइफस्टाइल, स्वास्थ्य
A A
smoking cigarettes
26
SHARES
858
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक भारत में आज भी करीब 26 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्मोकिंग छोड़ने की सफलता दर अब भी बेहद कम मानी जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार, हर 100 लोगों में से लगभग 95 लोग कुछ समय बाद दोबारा सिगरेट की तरफ लौट जाते हैं. सिगरेट या तंबाकू से बनने वाली चीजों से कैंसर का खतरा रहता है. लोगों को इससे बचाने या तंबाकू के नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है.

वैसे इसके खतरे को देखते हुए लोगों के लाइफस्टाइल में बदलाव हो रहे हैं. देखा जाए तो भारत तेजी से उन देशों में शामिल होता जा रहा है जहां लोग अपनी हेल्थ के लिए ज्यादा सतर्क हो रहे हैं.

इन्हें भी पढ़े

cycling

साइकिलिंग करने से किस बॉडी पार्ट को सबसे ज्यादा फायदा होता है!

July 19, 2026
diabetes

सिर्फ आपके दिल ही नहीं, दिमाग की भी दुश्मन है डायबिटीज!

July 18, 2026
दवाई

दो जरूरी दवाओं की कीमत में 50 फीसदी की बढ़ोतरी, जानिए आखिर क्यों हुआ महंगा?

July 15, 2026
योग

सुबह का योग बनाएगा दिन बेहतर, शरीर को मिलेंगे कई बड़े फायदे

July 12, 2026
Load More

लोग फिटनेस ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, हेल्दी डाइट अपना रहे हैं, जिम जा रहे हैं और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर पहले से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. लेकिन इन सबके बावजूद देश में तंबाकू और सिगरेट की लत अब भी गहराई से जमी हुई है. जानें क्यों लोग सिगरेट की लत को छोड़ नहीं पाते हैं?

सिर्फ आदत नहीं, मेडिकल कंडीशन है निकोटीन एडिक्शन

विशेषज्ञों का मानना है कि स्मोकिंग छोड़ना सिर्फ इच्छाशक्ति का मामला नहीं है. निकोटीन की लत शरीर और दिमाग दोनों को प्रभावित करती है. यही वजह है कि कई लोग सिगरेट छोड़ने की कोशिश करने के कुछ दिनों या हफ्तों के भीतर फिर से स्मोकिंग शुरू कर देते हैं.

स्वीडन के प्रसिद्ध डब्ल्यूएचओ मेडलिस्ट और प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. कार्ल फेगरस्ट्रॉम के मुताबिक, लोगों के बीच सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि स्मोकिंग से होने वाली बीमारियों का मुख्य कारण केवल निकोटीन है. उन्होंने कहा, दशकों की वैज्ञानिक रिसर्च यह दिखाती है कि सिगरेट से होने वाली गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण निकोटीन नहीं, बल्कि तंबाकू जलने पर निकलने वाले जहरीले केमिकल्स और धुआं है. निकोटीन लत पैदा करता है, लेकिन शरीर को सबसे ज्यादा नुकसान combustion यानी जलने की प्रक्रिया से होता है.

ये है सबसे बड़ी रुकावट

विशेषज्ञ बताते हैं कि स्मोकिंग छोड़ते समय लोगों को कई तरह के withdrawal symptoms का सामना करना पड़ता है. इनमें बेचैनी, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, बार-बार craving होना, नींद की समस्या और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई शामिल हैं. यही वजह है कि ज्यादातर लोग केवल इच्छाशक्ति के भरोसे स्मोकिंग छोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन लंबे समय तक सफल नहीं हो पाते.

निकोटाइन रिपलेस्टमेंट थेरेपी कैसे करती है मदद?

दुनियाभर में Nicotine Replacement Therapies जैसे निकोटीन गम और लोजेंजेस को स्मोकिंग छोड़ने में मददगार माना जाता है. कई इंटरनेशनल स्टडीज के मुताबिक, ये थेरेपी बिना किसी सहायता के किए गए छोड़ेने की कोशिशों की तुलना में 5070 प्रतिशत तक बेहतर सफलता दर दे सकती हैं. डॉ. फेगरस्ट्रॉम के अनुसार, स्मोकिंग छोड़ने वाले लोगों को सही मात्रा में निकोटीन सपोर्ट मिलना जरूरी होता है, ताकि क्रेविंग्स और withdrawal symptoms को नियंत्रित किया जा सके.

उनके मुताबिक अधिकतर लोग अचानक किसी हेल्थ स्केयर, सांस लेने में तकलीफ या किसी व्यक्तिगत प्रेरणा के बाद सिगरेट छोड़ने का फैसला लेते हैं. ऐसे समय में सेसेशन टूल्स आसानी से उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है.

युवाओं की लाइफस्टाइल पर भी पड़ रहा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि आज स्मोकिंग सिर्फ भविष्य में होने वाली बीमारी का खतरा नहीं रह गई है, बल्कि यह युवाओं की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल को भी प्रभावित कर रही है. कम स्टेमीना, खराब नींद, जल्दी सांस फूलना, कमजोर फिटनेस और स्ट्रेस रिकवरी में दिक्कत जैसी समस्याएं अब कम उम्र के लोगों में भी तेजी से दिखाई दे रही हैं.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
g20 delhi

G-20 Summit के दौरान क्या बंद और क्या खुलेगा, पुलिस ने दूर किया कन्फ्यूजन

September 5, 2023
money

क्या भारतीय रुपया करेगा बांग्लादेश की मुश्किलें आसान?

July 8, 2023
भूजल

खतरनाक तरीके से खत्‍म हो रहा भूजल, रिपोर्ट में भारत को सख्‍त चेतावनी

October 27, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • PM मोदी बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बचेंगे नहीं, बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट
  • दिल्ली में जारी है ‘मेट्रो मंडे’ अभियान, रेखा गुप्ता सरकार सार्वजनिक परिवहन को दे रही बढ़ावा
  • बुलेट ट्रेन की रफ्तार को मिलेगी बिजली की ताकत, तैयार हो रहा नया सिस्टम

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.