नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि मलक्का स्ट्रेट के ऊपर साइक्लोनिक तूफ़ान ‘सेन्यार’ एक्टिव हो गया है और ये बेहद ही तेज स्पीड से आग बढ़ रहा है जिसकी वजह से आज से लेकर 29 नवंबर तक अंडमान-निकोबार आइलैंड्स में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं।
यही नहीं इसका तूफानी असर तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और केरल में भी दिखेगा और इसी कारण यहां पर भी भारी बारिश की आशंका है और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
खराब मौसम के कारण कल तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में स्कूल और कॉलेज बंद रहे। गुरुवार को इस संबंध में नया अपडेट आने की उम्मीद है। IMD ने कहा है जिस वक्त तूफान तटीय इलाके से टकराएगा उस वक्त 70 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलेंगी और भारी बरसात होगी इसलिए मछुआरे 29 नवंबर तक समुद्र में ना जाएं।
कहां-कहां पड़ेगा Cyclone Senya का असर?
- ओडिशा
- पश्चिम बंगाल
- आंध्र प्रदेश का उत्तरी तट
- बांग्लादेश का दक्षिणी हिस्सा
क्या होते हैं चक्रवात?
आपको बता दें कि चक्रवात (Cyclone) एक शक्तिशाली प्राकृतिक आपदा है, जो समुद्री क्षेत्रों में बनने वाले अत्यधिक निम्न वायुदाब के कारण उत्पन्न होता है। यह तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों के साथ तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाता है। भारत के पूर्वी और पश्चिमी तट पर हर साल कई चक्रवात बनते हैं, जो कोस्टल राज्यों के लिए चुनौती बनते हैं।
चक्रवात बनने के मुख्य कारण निम्मलिखित हैं..
- समुद्री सतह का अत्यधिक गर्म होना (27°C से अधिक)
- वायुमंडल में नमी और गर्म हवा का ऊपर उठना
- निम्न दबाव का क्षेत्र बनना
- ऊपरी वायुमंडल में ठंडी हवा का मौजूद रहना
सामान्य शब्दों में कहें तो जब समुद्र की गर्मी से हवा ऊपर उठती है, तो उसकी जगह लेने के लिए आसपास से तेज हवा दौड़ती है। यही हवाएं एक घुमावदार तूफान का रूप ले लेती हैं, जिसे हम चक्रवात कहते हैं। इस दौरान आंधी तूफान आते हैं और भंयकर रूप से बारिश होती है जो कि कभी कभी तबाही का रूप धारण कर लेती है।







