Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

बोल्ड होंगे गहलोत ?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
October 12, 2022
in राज्य, राष्ट्रीय, विशेष
A A
16
SHARES
536
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

अजय दीक्षित


राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजनीति की पिच पर गुगली फेंकने की कला में माहिर माने जाते हैं। गहलोत सरकार के एक मंत्री का कहना है कि कांग्रेस की सरकार ने चार साल पूरा कर लिया और यहां ऑपरेशन लोटस नहीं चल पाया तो इसका पूरा श्रेय बारीक राजनीति के धुरंधर अशोक गहलोत को ही जाता है। इसका एक बड़ा कारण गहलोत का बैटिंग से ज्यादा फील्डिंग को बेहतर तरीके से सजाना है। हालांकि अजमेर क्षेत्र के एक वरिष्ठ कांग्रेसी का कहना है कि इस बार उनकी रणनीति में शायद चूक हो गई। गहलोत अपनी फिरकी गेंद में खुद ही उलझते दिखाई दे रहे हैं।

इन्हें भी पढ़े

Supreme court

SC/ST आरक्षण में भी लागू हो क्रीमी लेयर, PIL में कैसी-कैसी दलील

January 12, 2026
india-china

CPEC पर बीजिंग का भारत को सीधा जवाब, कश्मीर पर पुराना रुख बरकरार

January 12, 2026
swami vivekananda

स्वामी विवेकानंद के विचार जो दिखाते हैं सफलता की राह, आज भी करते हैं युवाओं को प्रेरित

January 12, 2026

दिल्ली में 14 जनवरी को होगा राष्ट्रीय उत्तरायणी महोत्सव का भव्य आयोजन

January 12, 2026
Load More

अशोक गहलोत पिछले सप्ताह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने आए थे । 22 तारीख को वह राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लडऩे के लिए मनाने गए थे। इससे पहले अशोक गहलोत ने चुने गए अध्यक्ष के लिए एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत जरूरी न होने का बयान दे दिया था। जोधपुर के गहलोत के पुराने मित्र का कहना है कि गहलोत ने तभी हवा में स्थिन गेंद उछाल दी थी। सही बात यह भी है कि वह कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना ही नहीं चाहते थे । जयपुर में अशोक गहलोत के एक करीबी मित्र रहते हैं। संगीत की दुनिया से जुड़े हैं । उनका भी कहना है कि गहलोत साहब को दिल्ली में रहकर राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी कम रास आ रही थी । बताते हैं कि गहलोत इसी इरादे से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे। लेकिन उनके बयान देने के तत्काल बाद केरल में भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त राहुल गांधी ने इसका कड़े शब्दों में खंडन कर दिया था। राहुल ने अध्यक्ष पद को लेकर अपनी मंशा भी साफ कर दी थी। इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी कोई किंतु परंतु नहीं छोड़ा था। बताते हैं केरल से जयपुर लौटने के बाद वह भविष्य की फील्डिंग सजाने में जुट गए, क्योंकि गहलोत को यह इशारा साफ था कि उन्हें जयपुर का होमवर्क पूरा करके पार्टी अध्यक्ष पद पर नामांकन करना है ।

कांग्रेस पार्टी के एक पुराने महासचिव कहते हैं कि मैं इसमें बहुत कुछ मानने के लिए तैयार नहीं हूं। कांग्रेस अध्यक्ष को जरूर अशोक गहलोत की तमाम आंख मिचौलियों का अंदाजा रहा होगा। यह बात अलग है कि उन्हें बात इस स्तर तक पहुंच जाने का अनुमान शायद न रहा हो। वह कहते हैं कि अशोक गहलोत की राजस्थान के मुख्यमंत्री पद से सम्मानजनक विदाई के लिए इस तरह से राजनीतिक प्रयास हुए थे। लेकिन गाड़ी फंस गई है। वह कहते हैं कि डेढ़ साल पहले भी जयपुर से दिल्ली तक काफी कुछ हुआ था। लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष के विश्वास के सहारे अशोक गहलोत ने बाजी मार ली थी ।

कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने समय रहते युवा सचिन पायलट को विधानसभा चुनाव 2018 का बोझ लाद दिया था। भरोसा भी दिया था कि सब ठीक रहा तो राजस्थान की कमान उनके हाथ में रहेगी। लेकिन राजनीति की पिच पर गुगली फेंकने में माहिर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव के ऐन वक्त पर फिरकी फेंककर सचिन पायलट के सपने पर पानी फेर दिया था। दिल्ली के पार्टी मुख्यालय में बैठकर अशोक गहलोत ने प्रत्याशियों के चयन से लेकर राजनीतिक पैंतरेबाजी में खेल कर दिया था। नतीजतन जयपुर, उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर से लेकर दिल्ली तक की मीडिया ने सचिन पायलट के मुकाबले अशोक गहलोत के गुण गाने शुरू कर दिए थे। करीब चार साल पहले अशोक गहलोत के करीबी वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र व्यास के साथ जयपुर से दिल्ली लौटते समय ही इसकी झलक देखने को मिल गई थी। जयपुर में राजनीति के माहिर खिलाड़ी माने जाने वाले चंद्रराज सिंघवी ने चुनाव से पहले ही राजस्थान के भावी मुख्यमंत्री की घोषणा कर दी थी। चंद्रराज सिंघवी ने अमर उजाला संवाददाता को भी बताया था कि अशोक गहलोत की बिछाई चौसर का पायलट के पास कोई तोड़ नहीं है। गहलोत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को अपने पाले में कर लिया है और निर्दलीय तथा बसपा से समर्थक प्रत्याशियों को खड़ा करके अपना रास्ता आसान कर लिया है।

मिर्धा परिवार के करीबी राजनीतिक रणनीतिकार का कहना था कि चुनाव का नतीजा आने के बाद कांग्रेस हाई कमान के पास गुंजाइश कम रहेगी। उसी दौरान झुंझनू के एक वरिष्ठ विधायक ने राजेन्द्र व्यास से कहा था कि उन्होंने सोनिया गांधी और उनके परिवार के साथ अशोक गहलोत की नजदीकी को बहुत करीब से देखा है। इसलिए 7 दिसंबर 2018 की शाम तक नतीजे आ जाने का इंतजार कीजिए। चंद्रराज सिंघवी की भी गणना थी कि भाजपा बहुत घाटे में नहीं रहेगी। कांग्रेस पार्टी बहुत फायदे में नहीं रहेगी और सरकार कांग्रेस की बनेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही होंगे। ऐसा न हुआ तो मध्यावधि चुनाव या फिर भाजपा की सरकार बनेगी ।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
ratan tata

रतन टाटा : विनम्रता और कुशल प्रबंधन का अद्भुत संगम

October 17, 2024
Cow servants

गौ सेवको ने 1966 में शहीद साधुओं और गौ रक्षकों को दी श्रद्धांजलि

November 8, 2023
rachita juyal

IPS पद से रचिता जुयाल का इस्तीफा, नए सपनों के साथ होगी नई शुरुआत?

June 3, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • SC/ST आरक्षण में भी लागू हो क्रीमी लेयर, PIL में कैसी-कैसी दलील
  • WPL में 3 दिन बिना दर्शकों के खेला जाएगा मैच? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
  • CPEC पर बीजिंग का भारत को सीधा जवाब, कश्मीर पर पुराना रुख बरकरार

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.