मणिपुर (Manipur) के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह 25 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले. इससे एक दिन पहले दिल्ली में सभी पार्टियों की मीटिंग हुई. इसमें 18 पार्टियां शामिल हुईं. इंडिया टुडे से जुड़े जीतेंद्र बहादुर सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 जून की सुबह एन बीरेन सिंह इंफाल से दिल्ली पहुंचे. उन्होंने यहां गृहमंत्री से करीब 45 मिनट बात की. उन्हें मणिपुर के हालात के बारे में बताया.
गृहमंत्री का आश्वासन
मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी बातचीत के बारे में ट्वीट कर बताया. उन्होंने लिखा,
Called on Hon’ble Union Home Minister, Shri @AmitShah Ji in New Delhi today and briefed about the evolving situation on the ground in Manipur. Under Amit Shah Ji’s close supervision, the State and Central Govt have been able to control the violence to a great extent in the past… pic.twitter.com/Rz4qToLDni
— N.Biren Singh (Modi Ka Parivar) (@NBirenSingh) June 25, 2023
“गृहमंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार मणिपुर में सामान्य स्थिति लाने के लिए पूरी कोशिश करेगी.” स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, इंफाल वापस आकर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने पत्रकारों से बात की. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने उन्हें घाटी के इलाकों में कानून-व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए. वहीं पहाड़ी इलाकों की कानून-व्यवस्था की स्थिति गृह मंत्री खुद देखेंगे.
कांग्रेस ने इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर फिर से सवाल खड़े किए हैं. पार्टी ने एक बार फिर से मणिपुर के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की. वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि एन बीरेन सिंह मुख्यमंत्री के रूप में अप्रभावी साबित हुए हैं. उनके सत्ता में रहते हुए राज्य में शांति बहाल नहीं की जा सकती.
सर्वदलीय बैठक
इससे पहले हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी पार्टियों ने सुझाव दिया कि सभी पार्टियों के एक दल को मणिपुर जाना चाहिए. साथ ही मुख्यमंत्री को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की. विपक्षी पार्टियों ने यह भी कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए.
वहीं बैठक में अमित शाह ने बताया कि मणिपुर में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि 13 जून के बाद से हिंसा में किसी भी इंसान की मौत नहीं हुई है.
इधर, ऐसी जानकारी सामने आई है कि मणिपुर में हथियारबंद लोग खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार नितिन सेठी ने ट्वीट कर बताया, “मणिपुर के समाज में हथियार और वर्दियां कोई नई बात नहीं है. लेकिन समुदाय सड़कों पर रैली निकाल इनके जरिए अपनी सामाजिक ताकत दिखाने की जरूरत महसूस कर रहे हैं, ये बताता है कि राज्य किस तरह खत्म हो रहा है.”
विधायकों ने लिखी चिट्ठी
इससे पहले मणिपुर के नौ BJP विधायकों ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पांच सूत्रीय चिट्ठी लिखी. इसमें उन्होंने मणिपुर के मुख्यमंत्री को हटाए जाने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि राज्य एन बीरेन सिंह की सरकार में विश्वास खो चुका है. राज्य में करीब 50 दिनों से लगातार हिंसक घटनाएं हो रही हैं. यहां अनुसूचित जनजाति के दर्जे को लेकर दो समुदाय आपस में लड़ रहे हैं. कुकी आदिवासी और मैतेई समुदाय के लोगों की ये लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है.







