नई दिल्ली l शक्तिपीठ झंडेवाला देवी मंदिर में आज शारदीय नवरात्र के छठे दिन माँ के छठे स्वरूप “कात्यायनी‘’ का श्रृंगार व पूजा अर्चना की गई। इनका वाहन सिंह है। विश्व प्रसिद्ध महर्षि कात्या ने भगवती जगदंबा की उपासना करते हुए बहुत वर्षों तक कठोर तपस्या की। उनकी इच्छा थी की माँ भगवती उनके घर पुत्री के रूप मे जन्म ले। उनकी प्रार्थना स्वीकार हुई और माँ ने कात्यायनी स्वरूप में उनके घर जन्म लिया ।
झंडेवाला देवी मंदिर में भक्तों के लिए पेयजल की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की गई है जिससे लाइनों में खड़े भक्तों को पेयजल की आपूर्ति की जाती रही l पंक्तियों मे खड़े भक्तों के लिए मधुर भक्ति गीत – संगीत की स्वर लहरियाँ गूँजती रहती हैं जिससे भक्तों का उत्साह बना रहे l
प्रत्येक जूता स्टैंड और मंदिर के प्रवेश द्वार पर भक्तों के हाथो को सैनेटाईज करने की व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन प्रातः 10.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक सैंकड़ों माता बहनों को मेंहदी लगाई जा रही है। निःशुल्क चाय शर्बत का स्टाल एवं मदर/अमूल डेयरी के स्टाल भक्तजन भरपूर आनंद ले रहे हैं।
प्रात: 4:00 बजे से रात्रि 12.00 बजे तक के सारे कार्यकर्मों का सीधा प्रसारण झण्डेवाला देवी मंदिर के यूट्यूब चैनल, वेबसाईट व फेसबुक पर किया गया l आज मंदिर में प्रात 9-00 बजे से रात्रि देर तक विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा महामाई का गुणगान किया गया।
मंदिर और मेला परिसर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि आने जाने वाले भक्तों को स्वच्छ और पवित्र वातावरण में आनंद की अनुभूति हो। मेट्रो स्टेशन से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए निशुल्क ई-रिक्शाओं की व्यवस्था की गई है जिसका भक्तजन भरपूर उपयोग कर रहे हैं।
कल सातवें दिन माँ के सातवें स्वरूप माँ “कालरात्रि” की पूजा-अर्चना की जायेगी l







