नई दिल्ली: भारत में यूपीआई का खूब इस्तेमाल किया जाता है। ऑनलाइन पेमेंट से लेकर खरीदारी करने तक में अब यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित यूपीआई सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट की ही सुविधा नहीं देती है। UPI में कई और फीचर्स भी मिलते हैं, जिसमें से एक कैश डिपॉजिट सुविधा ICD भी है। चलिए जानते हैं इसके बारे में और इसके इस्तेमाल करने का तरीका भी जानेंगे।
क्या है UPI ICD?
यूपीआई इंटरऑपरेबल कैश डिपॉजिट सुविधा, जिसे यूपीआई-आईसीडी के रूप में भी जाना जाता है। आईसीडी यूजर्स को अपने यूपीआई ऐप का उपयोग करके एटीएम में अपने बैंक अकाउंट में नकदी जमा करने की अनुमति देता है। यानी आप बिना ATM कार्ड के ही ATM में पैसा जमा कर सकते हैं।
ICD का फायदा
डेबिट कार्ड की आवश्यकता नहीं: यूपीआई इंटरऑपरेबल कैश डिपॉजिट सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको हर समय फिजिकल कार्ड रखने की जरूरत नहीं है। आप डेबिट कार्ड की आवश्यकता के बिना, केवल अपने UPI-लिंक्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करके ATM में नकदी जमा कर सकते हैं।
इंटरऑपरेबिलिटी: आप आसानी से UPI की मदद से ATM से स्वयं के बैंक अकाउंट या किसी अन्य बैंक अकाउंट में नकदी जमा कर सकते हैं।
कैसे काम करता है ICD?
- नकद जमा मशीन वाले एटीएम पर जाएं।
- एटीएम स्क्रीन पर यूपीआई कैश डिपॉजिट फीचर (UPI Cash deposite) वाले ऑप्शन पर जाएं।
- अपने यूपीआई ऐप का उपयोग करके एटीएम के क्यूआर कोड को स्कैन करें।
- वह राशि दर्ज करें जिसे आप जमा करना चाहते हैं और अकाउंट नंबर सिलेक्ट करें।
- नकदी को जमा स्लॉट में डालें।
- अपने यूपीआई पिन के साथ लेनदेन को पूरा करें।







