सतीश मुखिया/मथुरा: देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वन नेशन, वन इलेक्शन के माध्यम से देश के संसाधनों, विकास कार्यों हेतु समय और चुनावों में होने वाले भारी खर्च की बचत होगी। जिससे लोकतंत्र को बल मिलेगा और चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बना सकेंगे। वृंदावन विधानसभा विधायक श्रीकांत शर्मा मथुरा ने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन से नीतिगत स्थिरता आएगी और विकसित राष्ट्र के निर्माण को गति मिलेगी।

आज वन नेशन वन इलेक्शन के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा पूरे देश में एक नकारात्मक और भ्रामक वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है। इनके अनुसार वन नेशन वन इलेक्शन असंवैधानिक है लेकिन जब यह स्वयं वर्ष 1952 से 1967 तक लगातार तीन चुनाव वन नेशन वन इलेक्शन की तर्ज पर करते हैं तब वह संवैधानिक होता है। यह विपक्ष का दोहरा मापदंड है जिसे आज सभी देशवासियों को समझने की आवश्यकता है।
देश हित में एक राष्ट्र एक चुनाव के निर्णय को किए जाने की अनुमति और सहमति दी l इस अवसर पर मातृ शक्ति बड़ी संख्या में उपस्थिति रही l एक राष्ट्र एक चुनाव से देश का करोड़ों पैसा बचेगा जो देश के विकास के काम आएगा l एक राष्ट्र एक चुनाव से पुलिस , सेना राजस्व के अधिकारी अपने कामों में अधिक समय दे पाएंगे और प्रत्येक नागरिक के कामों में बढ़ोतरी होगी l जब 5 साल लगातार चुनाव होते हैं शिक्षा भी प्रभावित होती है, प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित होते हैं ,सेना और पुलिस के द्वारा किए जाने वाले काम भी प्रभावित होते हैं l
एक राष्ट्र एक चुनाव से किसी को भी नुकसान हो पर इस देश को लाभ होगा l एक व्यक्ति जब कई जगह से कई बार चुनाव लड़ता है तो कई प्रकार का वातावरण खराब होता है।राष्ट्र एक चुनाव अभियान के तहत में प्रबुद्ध जन समागम कार्यक्रम आयोजित किया गया।







