प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। दिल्ली में ₹14 करोड़ के GST रिफंड घोटाले का भंडाफोड़ दिल्ली सरकार के ट्रेड एंड टैक्सेस विभाग ने किया है। इस मामले में चार फर्जी कंपनियों के जरिए अवैध टैक्स रिफंड हासिल करने की साजिश रची गई थी। जांच में पता चला कि ये कंपनियां केवल कागजों पर बनाई गई थीं और इनका उपयोग जीएसटी रिफंड में धोखाधड़ी के लिए किया गया। विभाग ने डेटा एनालिटिक्स, बैंकिंग ट्रांजैक्शन विश्लेषण और डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर इस घोटाले का पर्दाफाश किया।
जीएसटी प्रणाली की साख !
अब तक ₹1.16 करोड़ की राशि वसूल की जा चुकी है और 27 इकाइयों से जुड़े 45 बैंक खातों को सीज किया गया है ताकि धनराशि का हस्तांतरण रोका जा सके। इस मामले में एक आरोपी, बंटी (हरिश चंदर का बेटा), जो एक लाभार्थी फर्म का मालिक है, जिसे गिरफ्तार किया गया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में FIR दर्ज की गई है।
जांच से पता चला कि इन फर्जी इकाइयों ने एक ही PAN नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया, जिससे यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी साबित हुई। विभाग ने जीएसटी प्रणाली की साख बनाए रखने के लिए कठोर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।







