उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में औषधि विभाग ने कोडीन दवा की बिक्री पर रोक लगा दी है. जिले में अब कोडीन दवा सहित कफ सीरप, बुखार, दर्द के साथ खांसी, सर्दी जुकाम, अस्थमा और मिर्गी के इलाज सहित 13 दवाओं पर रोक लगाई गई है. इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए अवैध तरीके से किया जा रहा था. अब इन दवाओं को डॉक्टर नहीं लिखेंगे. थोक और मेडिकल स्टोर से दवा की बिक्री नहीं होगी. इसे दवा कंपनियां वापस मंगाएंगी.
जिला औषधि निरीक्षक पीयूष कुमार शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण ने अधिसूचना जारी कर 14 कॉम्बीनेशन (एक से अधिक सॉल्ट का मिश्रण) दवाओं पर रोक लगा दी है. इनका इस्तेमाल नशे के लिए अवैध तरीके से हो रहा था. इन दवाओं को डाक्टर नहीं लिखेंगे. थोक और मेडिकल स्टोर से दवा की बिक्री नहीं होगी. इन दवाओं का थोक और मेडिकल स्टोरों पर बड़ा स्टॉक है, इसे दवा कंपनियां वापस मंगाएंगी. इसके लिए समय दिया जाएगा.
इन दवाओं पर लगी रोक
निमेसुलाइड, पैरासीटामोल टैबलेट (दर्द और बुखार), एमोक्सीसिलिन, ब्रोम्हेक्सिन (कफ वाली खांसी फोल्कोडिन), प्रोमेथाजिन (सूखी खांसी), क्लोरफिनरमिन मैलएट, डेक्सोमेथ्रोफन, ग्यूफिनासिन, अमोनियम क्लोराइड मैंथोल (सर्दी-जुकाम और खांसी), अमोनियम क्लोराइड, ब्रोम्हेसिन, डेक्सट्रोमिथार्पन (खांसी), क्लोरफिनरमिन मैल्एट, कोडीन (सूखी खांसी), ब्रोम्हेसिन, डेक्सोमेथ्रोफन, अमोनियम क्लोराइड डेक्सोमेथ्रोफन, क्लोरफिनरमिन मैल्एट, ग्यूफिनासिन, मोनियम क्लोराइड (सर्दी जुकाम और खांसी) पैरासीटामोल, ब्रोम्हेसिन, फिनाइलफेराइन, लोरफिनरमिन, ग्यूफिनासिन (बुखार और सर्दी जुकाम), साल्बुटामोल , ब्रोम्हेसिन (अस्थमा और कफ वाली खांसी के लिए), क्लोरफिनरमिन मैल्एट, कोडीन, मैंथोल सिरप (सूखी खांसी), फेनटाइन, फेनोबार्बिटोन सोडियम (मिर्गी के दौरे में दी जाने वाली दवा), अमोनियम क्लोराइड, सोडियम सिट्रेट, क्लोरफिनरमिन मैल्एट, मैंथोल सिरप (सर्दी जुकाम और खांसी) सालबूटामोल, हाइड्रोक्सी इथाइल थियोफाइलिन, ब्रोम्हेसिन (अस्थमा और खांसी) आदि सॉल्ट से निर्मित दवाओं को प्रतिबंधित किया गया है.







