चंडीगढ़। पंजाब की विभिन्न जेलों में क्लासरूम स्थापित करने के लिए जेल विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। इसके तहत राज्य की हर जेल में स्कूल होंगे और हाथ में हथियार उठाने वाले कैदी डिग्रियां हासिल कर शिक्षक बनेंगे। दरअसल, जेलों में कई ऐसे कैदी हैं जो पढ़ना चाहते हैं। उनमें से कई हत्या, रेप और लूट जैसी घटनाओं में शामिल हैं, जो सजा काट रहे हैं लेकिन अब वे कुछ अलग करना चाहते हैं, जिससे उनका भविष्य बदल जाएगा।
पंजाब सरकार ने हर जेल में एक स्कूल खोलने का फैसला किया है। इसके तहत अब हर जेल में एक स्कूल होगा और 2-3 कमरे की कक्षाएं स्थापित की जाएंगी जहां 50 कैदियों को छात्रों के रूप में शिक्षा मिलेगी। शिक्षा देने वाले शिक्षक भी कैदी होंगे। इसके लिए जेल में बंद ग्रेजुएट बंदियों का सहयोग लिया जाएगा। शिक्षा ग्रहण करने वालों में 271 अनपढ़ कैदी भी शामिल हैं। इसके तहत 10वीं पास 75 कैदियों ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल में 12वीं में दाखिला लिया है।
लुधियाना की सेंट्रल जेल में भी क्लासरूम स्थापित किए जाएंगे। ताजपुर रोड सेंट्रल जेल को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा क्योंकि पंजाब के जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस जेल प्रशासन और उसकी प्रक्रियाओं में नवीनता लाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस योजना के तहत क्या होगा यह अभी पर्दे के पीछे ही है लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस योजना के तहत जेल के कुछ बैरकों को कक्षाओं का रूप दिया जा सकता है जिसमें 50 कैदी रोजाना पढ़ाई के लिए आ सकते हैं।






