दिल्ली : दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने राजपथ का नाम बदलकर ‘‘कर्तव्य पथ” करने का प्रस्ताव बुधवार को पारित किया। एनडीएमसी की सदस्य मीनाक्षी लेखी ने बताया कि एनडीएमसी परिषद की एक विशेष बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। लोकसभा की सदस्य लेखी ने कहा, ‘‘ हमने विशेष परिषद बैठक में राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है।”
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय से इस संबंध में प्रस्ताव मिला था। उन्होंने कहा कि अब इंडिया गेट पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक पूरे इलाके को ‘‘कर्तव्य पथ” कहा जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी, गुरुवार को कर्तव्य पथ का नामकरण और उद्घाटन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश शासन के दौरान राजपथ को किंग्सवे के नाम से जाना जाता था। वर्तमान में जिस रोड पर प्रधानमंत्री का आवास स्थित है, 2015 में उसका नाम रेसकोर्स रोड से बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया। उसी वर्ष, औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग कर दिया गया। वर्ष 2017 में, डलहौजी रोड का नाम बदलकर दारा शिकोह मार्ग कर दिया गया। साथ ही, तीन मूर्ति चौक का नाम बदल कर 2018 में बदलकर तीन मूर्ति हैफा चौक कर दिया गया। हालांकि, अकबर रोड का नाम बदलने के लिए कईं प्रस्ताव आए हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया है।
राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्यपथ’ करने के केंद्र के फैसले को लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। कुछ लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे ‘सकारात्मक बदलाव’ करार दिया है, जबकि कुछ अन्य ने इस विचार से असहमति जताई और कहा कि राजपथ एवं जनपथ का एक दूसरे को पार करने का प्रतीक ‘‘कभी पहले जैसा नहीं रहेगा।” दिल्ली निवासी समीर ने कहा, ‘‘ब्रितानी काल से ही प्रमुख स्थानों के नाम में बदलाव नहीं किया गया है। इसे पहले ही बदल देना चाहिए था। यह एक अच्छा कदम है और मैं इसे एक सकारात्मक बदलाव मानता हूं।” उन्होंने कहा कि परिवर्तित नाम यह ‘‘याद दिलाएगा” कि सभी को ‘‘काम करना चाहिए और अपने कर्तव्य का पालन करना” चाहिए। एक अन्य दिल्लीवासी विनोद कुमार ने नाम बदलने और ‘सेंट्रल विस्टा’ में बदलावों का स्वागत किया है। कुमार ने कहा, ‘‘नाम में बदलाव अच्छा कदम है।” बहरहाल, दिल्ली के एक अन्य निवासी हेमंत ने कहा कि राजपथ एक ‘‘ऐतिहासिक” नाम है और और इसमें बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। हेमंत ने कहा, ‘‘इनमें बदलाव सरकार और उसके नजरिए पर निर्भर करता है।







