Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

गुजरात को ऐसे जीतना क्या जीतना?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 29, 2022
in राज्य, विशेष
A A
gujarat election
26
SHARES
869
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

हरिशंकर व्यास


नरेंद्र मोदी गुजरात जीतेंगे लेकिन योगी आदित्यनाथ के बूते यदि जीते तो मोदी-शाह के लिए क्या डूबने वाली बात नहीं? यदि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के वोटों के बंटने से जीते तो वह क्या जीते? लगभग हर दिन प्रधानमंत्री की रैलियों तीन महीने से लगातार प्रचार, पूरे देश के भाजपा नेताओं की कथित कॉरपेट बाम्बिंग, विपक्ष के उम्मीदवारों को तोडऩे से लेकर पानी की तरह पैसा बहाने के तमाम हथकंडों के बावजूद यदि कांग्रेस 40-50 सीट जीत जाए, भाजपा के वोट 40 प्रतिशत तक गिर जाएं और आप 20-25 प्रतिशत वोट पा जाए तो वह क्या नरेंद्र मोदी की वाहवाही वाली जीत होगी?

इन्हें भी पढ़े

CM Dhami

उत्तराखण्ड: शहरों का होगा कायाकल्प, 98 छोटे-बड़े शहरों का मास्टर प्लान होगा तैयार

September 24, 2026
cm dhami

सीएम धामी ने NIM के 4 सफल पर्वतारोहण अभियानों का किया फ्लैग-इन!

September 24, 2026
election

विश्लेषण: चुनाव आयोग के भीतर 14 बार आपत्ति, SIR, वोटर लिस्ट और ECINet को लेकर क्या सामने आया?

September 24, 2026
WCL

स्वच्छता ही सेवा-2026 एवं स्पेशल कैंपेन-6 के तहत वेकोलि ने आयोजित की सामुदायिक गतिविधियां

September 24, 2026
Load More

सोचें, कल्पना करें कि जिस गुजरात में 27 साल से हिंदू राज है। नरेंद्र मोदी का कथित विकास मॉडल है वहां अरविंद केजरीवाल की फ्री बिजली या हजार रुपए मुफ्त जैसी रेवडिय़ों का शहरी गुजराती दिवाना दिखलाई दे। केजरीवाल से मोदी-शाह इतने घबराएं कि उसी वक्त में दिल्ली में एमसीडी के चुनाव करवाएं और एक नगरपालिका के चुनाव में केंद्र के मंत्री से लेकर चार-चार मंत्री एक साथ प्रचार करते हुए दिखें। अरविंद केजरीवाल एंड पार्टी को गुजरात छोड़ कर दिल्ली के चुनाव के लिए लौटना पड़े।

पर मेरा मानना है कि दिल्ली हो या गुजरात या हिमाचल प्रदेश हर तरफ नरेंद्र मोदी अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाने, साम-दाम-दंड-भेद सब कुछ झोंकने के बावजूद चुनाव जीतते हुए भी हारेंगे। इसलिए कि असली हार-जीत तो तब होती है जब खेल ईमानदार हो। गुजरात और उसके प्रमुख गढ़ सूरत में क्या नौबत जो आप पार्टी को अपने उम्मीदवार के अपहरण की चिंता करनी पड़ी। ये चुनाव ऐसे ही हैं कि यदि फुटबॉल विश्व कप में मोदी की कप्तानी में शाह, जेपी नड्डा, योगी की टीम खेल रही होती तो दुनिया देखती कि इस टीम ने इग्लैंड के खिलाडियों को खरीद लिया, किसी को पैसे दिए, किसी का अपहरण किया, उनका खाना-पानी गायब कर दिया और हर खिलाड़ी को डरा दिया कि यदि तुमने खेला तो ईडी-सीबीआई छोड़ देंगे।

सचमुच नरेंद्र मोदी के लोकतंत्र में चुनाव, जबरिया चुनाव हो गए हैं। हर तरह की नौटंकी, जबरदस्ती का चुनाव। बस, जीतना है तो सब कुछ लुटा कर मतलब सत्य-संस्कार-चरित्र, ईमानदारी-खेल की भावना आदि को दांव पर लगा कर बस जीत जाओ। विपक्ष के पास नहीं रहने दो, उसके तैयार हुए खिलाड़ी को खरीद लो, उनका खर्चा-पानी खत्म कर दो, रेफरी को खरीदे रखो, एकतरफा नारेबाजी-तालियां बजवाओ और आखिर में रेफरी से घोषणा करवा दो कि नरेंद्र मोदी भारत केसरी, गुजरात केसरी, हिंदू केसरी!

हैरानी की बात है कि ऐसे खेले से मोदी-शाह उबते हुए नहीं हैं? कल्पना करें कि ब्रिटेन में चुनाव और राजनीति मोदी-शाह जैसी हो जाए, ऋषि सुनक चुनाव जीतने का फॉर्मूला मोदी का अपना लें तो क्या होगा? या दुनिया के ओलंपिक, विश्व फुटबॉल कप के मालिक मोदी-शाह बन जाएं वे अपनी हिंदू शैली में खेल-खिलाडिय़ों के आयोजन करवाएं तो अपनी टीम को कैसे जितवाएंगे? पैसे से सौदे-धंधे करेंगे? खिलाडिय़ों को खरीदेंगे? खिलाडिय़ों के पीछे ईडी-सीबीआई को छोड़ेंगे मगर होगा वहीं, खेल उसी फिक्स अंदाज में जैसे भारत के चुनाव हो रहे हैं!

गुजरात से सुनाई दे रहा है कि जीतेंगे तो मोदी? क्यों? इसलिए क्योंकि वे हार नहीं सकते? क्या महंगाई है? हां, है! क्या बेरोजगारी है? हां, है? क्या तकलीफें हैं? बहुत ज्यादा? तब वोट किसको दोगे? भाजपा को, कमल को! मोदी जीतेगा। मतलब मानो सब पूर्व निर्धारित! मैदान में दूसरा कोई है ही नहीं! सामने न कांग्रेस और न आप किसी में खेलने, ताकत लगाने, उम्मीदवारों में दम फूंकने, मतदान के दिन तक जी जान से मेहनत करने की क्षमता है ही नहीं!

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Iraq

तेल-गैस पर यूरोप को इराक से बड़ी चेतावनी, कैसे एक चूक से बिगड़ जाएगा पूरा खेल!

October 3, 2024
Jhandewala Devi Temple

सावन के दूसरे सोमवार झण्डेवाला देवी मन्दिर में उमड़े भक्त, भगवान शिव का किया जलाभिषेक

August 10, 2026

मोदीराज में ताकतवर हुई सेना, चीन-पाकिस्तान ही नहीं अब पूरी दुनिया के लिए भारत बना चुनौती

September 3, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • उत्तराखण्ड: शहरों का होगा कायाकल्प, 98 छोटे-बड़े शहरों का मास्टर प्लान होगा तैयार
  • ₹25000 वेतन सीमा पर 35 साल में बनेगी कितनी पेंशन, तो हाथ में आएंगे कितने पैसै?
  • जेलेंस्की साहब, थोड़ा आंकड़े तो देख लेते, रूस की इकॉनमी सिर्फ हमारे भरोसे थोड़े ही है!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.