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MCD चुनाव: बदला है राजधानी का राजनीति‍क म‍िजाज, किसके पक्ष में जनसमर्थन!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
December 5, 2022
in दिल्ली, विशेष
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mcd election delhi
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नई दिल्‍ली: आम आदमी पार्टी (AAP) तेजी से राष्‍ट्रीय पटल पर उभरी है। वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विकल्प के तौर पर पैर जमाने की कोशिश में जुटी है। यही कारण है कि दिल्‍ली नगर निगम चुनाव (MCD Election 2022) ने इस बार राष्ट्रीय महत्व हासिल किया। आप को दिल्ली की सत्‍ता में आए काफी समय बीत चुका है। एमसीडी चुनाव में वह अपने प्रदर्शन के आधार पर जीत की बाट जोह रही है। चुनाव से ऐन पहले सीएसडीएस-लोकनीति ने एक सर्वे किया था। इसमें जो ट्रेंड सामने आए वो दिलचस्‍प थे। इससे चुनाव रुझानों के बारे में थोड़ा अंदाज लगाया जा सकता है।

सरकार के प्रदर्शन और लोगों की प्राथमिकताओं के आधार पर यह सर्वे हुआ था। इसमें कुछ मोटे सवालों के जवाब तलाशे गए थे। मसलन, दिल्‍ली किसके लिए वोट करेगी? दलित, मुस्लिम और ओबीसी वोट किस तरफ जा सकते हैं? महिलाओं के लिए प्राथमिकताएं क्‍या हैं? सर्वे में जिस तरह के जवाब मिले, उससे पता चलता है कि दिल्‍ली का एमसीडी चुनाव बीजेपी बनाम आप है। इसमें कांग्रेस कहीं दूर तक नहीं है। सबसे दिलचस्‍प यह है कि आप का पलड़ा भारी है। लोगों का मिजाज बदला है। लोगों को लगता है कि एमसीडी में भी आप होनी चाहिए। ऐसा न होने के कारण दिल्‍ली सरकार और एमसीडी में रस्‍साकशी रहती है। इससे कामों में अड़ंगा लगता है। एमसीडी की सत्‍ता पर सालों से भगवा पार्टी काबिज है। 7 दिसंबर को साफ हो जाएगा कि बीजेपी एमसीडी की सत्‍ता में कायम रहेगी या फिर आप उलटफेर करेगी।

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एमसीडी चुनाव पर इंडिया टुडे एक्सिस माई इंड‍िया पोल में भी आप के पक्ष में हवा दिख रही है। सर्वे से पता चलता है कि आप को 46 फीसदी महिलाओं ने वोट दिया है। जबकि पुरुषों के लिए यह संख्‍या 40 फीसदी रही है। बीजेपी को 34 फीसदी महिलाओं और 36 फीसदी पुरुषों ने वोट दिया है।

न्यूज चैनल ‘आज तक’ के एग्जिट पोल की मानें तो आम आदमी पार्टी (AAP) को स्थानीय मुद्दों पर दिल्लीवालों का चौतरफा समर्थन मिल रहा है। एग्जिट पोल में विधानसभा चुनाव के बाद एमसीडी में भी झाड़ू चलने का इशारा किया गया है। सर्वें के मुताबिक आप को पूर्वांचलियों का 43 पर्सेंट, पंजाबियों का 58 पर्सेंट, दिल्लीवासियों का 42 पर्सेंट, बंगालियों का 42 पर्सेंट, साउथ इंडियन का 58 पर्सेंट, पहाड़ियों का 36 पर्सेंट और अन्य में 42 पर्सेंट लोगों ने समर्थन दिया।

बदला है राजनीति‍क म‍िजाज
अनुमान है कि राजधानी में लोगों के राजनीतिक मिजाज और पसंद में बदलाव हुआ है। एमसीडी चुनाव में आप और बीजेपी के बीच सीधी टक्‍कर है। इसमें कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसकती दिखाई दे रही है। दोनों के बीच मुकाबले में आप बीजेपी से आगे नजर आ रही है।

आप को पसंद करने वालों में भी विभाजन साफ दिखाई देता है। दिल्‍ली में रहने वाला उच्‍च मध्‍य वर्ग और अपरकास्‍ट के लोग बीजेपी को पसंद करते हैं। उनकी प्राथमिकता में आप नीचे आती है। वहीं, सामाजिक पायदान पर कमजोर वर्ग वाला तबका आप की तरफ झुका है।

बीजेपी हिंदू अपरकास्‍ट का सपोर्ट हासिल करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, यह भी एक सच है कि इस वर्ग के मतदाताओं का एक बड़ा अनुपात आप और अन्य दलों को भी पसंद करता है। सर्वे में एक और अहम बात सामने आई थी। अन्य जातियों में आप का जनाधार बीजेपी से ज्‍यादा था। अन्य धार्मिक समूहों में AAP व्यापक समर्थन के साथ आगे बढ़ती दिख रही है। मुस्लिम मतदाता आप और कांग्रेस में ज्‍यादा बंटे हैं।

सर्वे में देखने को मिला कि AAP का निम्न आय वर्ग के मतदाताओं के साथ ज्‍यादा जुड़ाव है। पार्टी ने अपना ज्‍यादातर समर्थन गरीब और निम्न वर्ग से प्राप्त किया। यह भी सच है कि आप मध्यम और अमीर वर्ग के मतदाताओं को आकर्षित करके बीजेपी को चुनौती दे रही है। लेकिन, स्पष्ट रूप से केजरीवाल की पार्टी गरीब और निम्न आय वर्गों के बीच बीजेपी से आगे है।

जहां तक दिल्‍ली में महिला मतदाताओं का सवाल है तो उनका झुकाव आप की ओर ज्‍यादा है। उनमें से आधे ने कहा कि वे एमसीडी चुनाव में आप को वोट देंगी। वहीं, 37% ने बीजेपी को वोट देने को प्राथमिकता दी। पुरुषों के पांचवें हिस्से से थोड़ा ज्‍यादा ने कहा कि वे अन्य दलों या उम्मीदवारों के लिए मतदान करेंगे।

आप ने जगाई है उम्‍मीद
निश्चित रूप से आप ने उम्मीदें बढ़ाई और जगाई हैं। यह दिलचस्प है कि जिन लोगों ने कहा कि वे बीजेपी और कांग्रेस को वोट देंगे, उनमें से आधे से ज्‍यादा ने माना कि कि स्कूलों के कामकाज में सुधार हुआ है। सरकारी अस्‍पतालों के हालात को लेकर भी यही बात कही जा सकती है। दिल्‍ली सरकार के काम से लोग संतुष्‍ट दिखे हैं। पानी की सप्‍लाई और सेनिटेशन के लिए भी यही बात लागू होती है। हालांकि, 2020 की तुलना में जिस उत्‍साह से लोग इसकी तारीफ करते थे, उसमें कमी आई है।

दिल्‍ली सरकार की उपलब्धियों के साथ भी ऐसा ही है। लोगों को ये दिख रही हैं। लेकिन, पहले की तुलना में इसकी प्रशंसा करने वालों में स्‍पष्‍ट गिरावट आई है। 2020 में आप लोकप्रियता के शिखर पर थी। 2022 के एमसीडी चुनाव में बीजेपी को नाखुश वोटरों को लुभाने में मदद मिल सकती है।

आम तौर पर ऐसी धारणा है कि एमसीडी में बीजेपी और सरकार में आप के होने से कामों में बाधा आती है। अगर एमसीडी के साथ दिल्‍ली की सरकार भी एक ही हो तो चीजें ज्‍यादा तेजी से बढ़ सकती हैं। यह कुछ-कुछ वैसा ही है जैसा हाल में प्रधानमंत्री मोदी कई राज्‍यों में ‘डबल-इंजन’ सरकार की पैरवी करते रहे हैं।

देश की राजधानी होने के कारण यहां अक्‍सर राष्‍ट्रीय मुद्दे हावी हो जाते हैं। एमसीडी चुनाव का वैसे तो इनसे कोई लेनादेना नहीं होता है। लेकिन, इन राष्‍ट्रीय मुद्दों का भी फर्क पड़ता है। बेशक, आप अपने काम को बताने में और सफल होती। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता इसमें बाधक है। यह आप को पसंद करने में बाधा बनी है। इस तरह कह सकते हैं कि एमसीडी चुनाव दोतरफा परीक्षण है। यह गवर्नेंस को टेस्‍ट करने के साथ दिल्‍ली के लोगों के बड़े मुद्दों को भी परखेगा। आप और बीजेपी दोनों ने राष्‍ट्रीय स्‍तर पर इन्‍हें उठाया है।

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