बागेश्व : पूर्व सीएम और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक बार फिर बड़े बयान के क्या बीजेपी ने हलचल बढ़ेगी? राजनीति में सक्रिय होने पर पूछे गए सवाल के जबाव में कोश्यारी ने अपने बयान से सभी को चौंका कर रख दिया। उत्तराखंड में भाजपा संगठन और राजनीतिक को लेकर कोश्यारी ने बेबाक होकर अपना भविष्य का पूरा प्लान बताया है।
उनका कहना था कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। युवा नेताओं को राजनीति में अवसर मिलने चाहिए। कहा कि युवा नेतओं और तजुर्बेकार नेताओं की जोड़ी से उत्तराखंड विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा। कोशयारी ने कहा कि युवाओं का रास्ता रोकने की बजाय उनको मार्गदर्शन करने की जरूरत है ताकि समाज में वे और अच्छा काम कर सकें।
कोश्यारी ने कहा कि वह अब पहाड़ के रिवर्स पलायन के लिए कार्य करेंगे। सरकार की योजनाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है इसकी जानकारी लोगों की दी जाएगी। चार साल में उत्तराखंड को हिमाचल से आगे ले जाने का प्रयास होगा। आज सबसे पहले कोश्यारी बाबा बागनाथ के दरबार में पहुंचे वहां पूजा-अर्चना के बाद कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकर करने के लिए कार्य करें। पार्टी कार्यालय में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करत हुए कोश्यारी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की मंशा है कि उत्तराखंड का युवा महानगरों में नौकरी करने के बजाए अपने घर में रोजी-रोटी पैदा करे।
यहां की मिट्टी में सबक कुछ पैदा होता है। जरूरत दृण संकल्प की है। किवी, आम, सेब, सब्जी, मत्स्य, फूल तथा दुग्ध उत्पादन से यहां के गांव दोबारा आबाद हो जाएंगे। 80 प्रतिशत सरकार कार्य कर रही है। 20 प्रतिशत कार्य हमने करना है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र व उत्तराखंड में दो बातों की समानता है।
उत्तराखंड को देवभूमि तो महाराष्ट्र को संत भूमि कहा हता है। इसके अलावा दोनों प्रदेशों के लोग सरल होते हैं। बोली भाषाओं में भी काफी मेल है। उन्होंने किसानों को बंदर भगाने का आसान तरीका बताया। कहा कि कनस्तर बजाओ बंदर भगाओ। इससे पहले उन्होंने बागनाथ मंदिर में जाकर पूजा की और जलाभिषेक किया।
इधर, कपकोट में हुए एक कार्यक्रम में कोश्यारी ने कहा कि लीची, आम तथा किवी उत्पादन के लिए यहां की आबोहवा बेहतर है। शामा में कई लोग किवी उत्पादन कर रहे हैं। इससे उनकी आर्थिकी मजबूत हुई है। उन्होंने लोगों से दुग्ध उत्पादन और फल उत्पादन करने की अपील की। स्वरोजगार के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं।







