7 अप्रैल…एक ऐसा दिन जब दुनियाभर के लोग सेहत को लेकर एक-दूसरे को अवेयर करते हैं. इस दिन विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day) मनाया जाता है. इस साल वर्ल्ड हेल्थ डे ‘Health for All’ थीम पर मनाया जा रहा है. 75 साल पहले 7 अप्रैल, 1948 को ही वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की स्थापना हुई थी. इसलिए इस दिन दुनियाभर में हेल्थ को लेकर लोगों को जागरूक किया जाता है.
बीमारियों के इलाज में टेस्ट का रोल
आज दुनियाभर के लोग तमाम तरह की बीमारियों से जूझ रहे हैं. कुछ बीमारियों के लक्षण पहले ही दिख जाते हैं और उनका इलाज हो जाता है, जबकि कुछ ऐसी भी बीमारियां हैं, जिनका इलाज ही नहीं हो पाता है. वर्ल्ड हेल्थ डे के अवसर पर आज हम इस आर्टिकल में आपको कुछ ऐसे मेडिकल हेल्थ टेस्ट (Medical Health Test) के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से कैंसर, डायबिटीज, हार्ट अटैक जैसी जानलेवा बीमारियां का पता लगाकर समय पर इलाज कराया जा सकता है.
6 टेस्ट में पता चल जाएंगी जानलेवा बीमारियां
बेसिक मेटाबोलिक पैनल (BMP)
एक हेल्थ वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस टेस्ट से ब्लड में 8 कंपाउंड्स कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम, बाइकार्बोनेट, क्लोराइड, ब्लड यूरिक नाइट्रोजन और क्रिएटिनिन का पता लगाया जा सकता है. इस टेस्ट की हेल्प से डायबिटीज से लेकर किडनी और हॉर्मोन असंतुलन तक का पता चलता है.
कंप्रिहेंसिव मेटाबोलिक पैनल (CMP)
मेटाबॉलिक पैनल से जुड़ी समस्याओं का पता लगाने के लिए इस टेस्ट की हेल्प ली जाती है. प्रोटीन, एल्कलाइन फॉस्फेट, बिलीरुबिन, डायबिटीज, किडनी, सिरोसिस, कैंसर, हार्मोन इंबैलेंस, लीवर डैमेज, पित्त की रुकावट, हार्ट कंडिशन और पित्त पथरी का पता लगाया जा सकता है.इस टेस्ट से कैंसर का पता भी लगाया जा सकता है. हालांकि इसके लिए कुछ और टेस्ट किए जाते हैं.
लिपिड पैनल (Lipid Panel)
एक मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से हार्ट इंफेक्शन और उससे जुड़ी समस्याओं का पता लगाया जा सकता है. इसकी मदद से प्लड में प्रोटीन और अन्य कंपाउंड्स का पता लगाया जाता है. कोलेस्ट्रॉल लेवल और गुड-बैड कोलेस्ट्रॉल का पता भी इसी टेस्ट से चलता है.
कम्पलीट ब्लड काउंट (Complete Blood Count CBC)
इस टेस्ट से ब्लड की प्रमुख कोशिकाओं के 10 अलग-अलग घटकों के लेवल का जांच होती है. इसमें रेड ब्लड सेल्स, वाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स शामिल है. हीमोग्लोबिन और हेमेटोक्रिट का भी पता इसी टेस्ट से लगाया जाता है.
थायराइड पैनल (Thyroid panel)
इसे थायरॉयड फंक्शन टेस्ट भी कहते हैं. थायरॉयड का उत्पादन कितनी अच्छी तरह हो रहा है, इस टेस्ट से पता चलता है. इसमें T3-T4 और TSH का पता भी चलता है.
सेक्सुअल ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन (STIs)
इस टेस्ट में ब्लड सैंपल लेकर सेक्सुअल इंफेक्शन (STI) का पता लगाया जा सकता है. सटीक जानकारी के लिए अक्सर यूरीन के सैंपल से इंफेक्टेड टिशूज के स्वैब लिए जाते हैं. इससे HIV, क्लैमाइडिया, हरपीज और सिफिलिश का पता लगाया जाता है.







