Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

दिल्ली : अब संसद में होगी अफसरों वाली जंग!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 22, 2023
in दिल्ली, राष्ट्रीय
A A
24
SHARES
787
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली : दिल्ली में सर्विसेज पर कंट्रोल को लेकर अरविंद केजरीवाल सरकार और केंद्र के बीच छिड़ी जंग लगातार तेज होती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट से मिली ‘जीत’ अध्यादेश से छिन जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अब विपक्षी एकजुटता के सहारे संसद में मुकाबले की तैयारी शुरू कर दी है। राज्यसभा में एनडीए अभी बहुमत से कुछ दूर है और ऐसे में केजरीवाल की कोशिश है कि विपक्षी दलों से समर्थन हासिल करके बिल को राज्यसभा में अटका दिया जाए। हालांकि, मौजूदा समीकरण को देखते हुए ऐसा करना उनके लिए आसान नहीं है। कुछ समय पहले तक तमाम दलों से दूरी बनाकर चलते रहे आप संयोजक को किस-किस का साथ मिलेगा, यह अभी साफ नहीं है। सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि कांग्रेस भी खुलकर उनके साथ नहीं दिख रही है।

11 मई को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने एक अहम फैसले में पुलिस, पब्लिक ऑर्डर और लैंड को छोड़कर अन्य मामलों में अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार केजरीवाल सरकार को सौंप दिया था। 19 मई को केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश जारी करते हुए ‘राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण’ का गठन कर दिया और ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार का जिम्मा इस प्राधिकरण को सौंप दिया गया, जिसका अध्यक्ष दिल्ली के मुख्यमंत्री को बनाया गया है, लेकिन फैसले सिर्फ उनकी मर्जी से नहीं होंगे। मुख्य सचिव, प्रधान सचिव गृह और मुख्यमंत्री मिलकर ग्रुप ए अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर फैसला लेंगे। विवाद की स्थिति में एलजी फैसला लेंगे। नियम के मुताबिक इस अध्यादेश को 6 महीने में संसद से पास कराना होगा। केंद्र सरकार मॉनसून सत्र में इस बिल को संसद में पेश कर सकती है।

इन्हें भी पढ़े

IRCTC server AI

IRCTC पर सर्वर डाउन के बावजूद AI ने सेकेंडों में काटा कन्फर्म तत्काल टिकट

September 26, 2026
Petal Gehlot

कौन हैं पेटल गहलोत, जिन्होंने UNGA में पाकिस्तान को धो डाला!

September 26, 2026
Female police

दिल्ली की लेडीज स्पेशल बसों में महिला पुलिसकर्मियों की गई तैनाती!

September 26, 2026
cji suryakant

‘हम अधिकारों की रक्षा करेंगे’, छात्रों के शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट पर बोले CJI

September 26, 2026
Load More

समर्थन जुटाने की मुहिम

केंद्र से झटका मिलने के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल ने आगे की लड़ाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने रविवार को दिल्ली में बिहार के मुख्यमंत्री और इन दिनों विपक्षी एकता के सूत्रधार बने नीतीश कुमार से मुलाकात की। इसके बाद केजरीवाल 23 मई को कोलकाता जाकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे। नीतीश से बातचीत के बाद केजरीवाल ने यह भी कहा है कि वह सभी विपक्षी दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे ताकि अध्यादेश की जगह लाए जाने वाले बिल का रास्ता राज्यसभा में रोक सकें।

क्या ऐसा कर पाएंगे केजरीवाल?

लोकसभा में भाजपा और एनडीए को बहुमत हासिल है। लोकसभा में बिल आसानी से पास हो जाएगा। लेकिन राज्यसभा का मौजूदा गणित मुकाबले को दिलचस्प बना रहा है। मौजूदा समय में 238 सदस्यों वाले सदन में एनडीए के पास 110 सांसद हैं। 2 मनोनीत सदस्यों के रिक्त पदों को भरकर संख्या में कुछ इजाफा जरूर होगा लेकिन इसके बावजूद बहुमत के आंकड़े से 8 सांसद कम रह जाएंगे। केजरीवाल की कोशिश है कि विपक्षी सभी दलों का साथ बीजेपी की अगुआई वाली केंद्र सरकार को संख्याबल से दूर किया जाए। हालांकि, भाजपा को आसानी से जरूरी आंकड़ा मिल जाने की उम्मीद है। एक तरफ जहां कांग्रेस ने आप को लेकर अपना रुख साफ नहीं किया है तो बीजेपी, वाईएसआर कांग्रेस जैसे कुछ दल विपक्षी एकता से दूरी बनाए हुए हैं और कई अहम मौकों पर इन्होंने संसद में एनडीए का साथ दिया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने खुद को विपक्षी मोर्चे से दूर रखा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश की मध्यस्थता से कांग्रेस संसद में ‘आप’ का साथ दे सकती है। आरजेडी, जेडीयू, सपा जैसे कुछ दल केजरीवाल का साथ दे सकते हैं, लेकिन एनडीए को बिल पास कराने से रोकना ‘आप’ के लिए आसान नहीं है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

बिजली उत्पादन के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाएगा उत्तर प्रदेश : CM योगी

June 10, 2023
State Transport Minister

प्रदेश परिवहन मंत्री ने ली परिवहन विभाग एवं परिवहन निगम की समीक्षा बैठक

October 15, 2022
yogi

उपद्रवियों को सीएम योगी की चेतावनी, बोले- जो ऐसा करेगा उसका जहन्नुम का टिकट कटवा दिया जाएगा!

September 28, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • IRCTC पर सर्वर डाउन के बावजूद AI ने सेकेंडों में काटा कन्फर्म तत्काल टिकट
  • कौन हैं पेटल गहलोत, जिन्होंने UNGA में पाकिस्तान को धो डाला!
  • ऑनलाइन पर नई फिल्मों-सीरीज का आया तूफान, ये वीकेंड होगा धमाकेदार

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.