Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

केंद्र ने बढ़ाई सुक्खू सरकार की मुश्किलें!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 31, 2023
in राज्य
A A
CM Sukhvinder Singh Sukhu
26
SHARES
865
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

शिमला : पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश विकास के मामले में केंद्र सरकार पर ही निर्भर रहता है. हिमाचल प्रदेश की गाड़ी कर्ज लिए बिना आगे नहीं बढ़ती. बीते करीब दो दशक से हिमाचल प्रदेश में कर्ज का मर्ज कम होने का नाम ही ले रहा. इस बीच अब केंद्र ने हिमाचल प्रदेश की राह मुश्किल कर दी है. केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के कर्ज लेने की सीमा 5 हजार 500 करोड़ रुपए तक घटा दी है. पहले हिमाचल प्रदेश सरकार 14 हजार 500 करोड़ रुपए तक का कर्ज ले सकती थी, लेकिन अब सिर्फ 9 हजार करोड़ रुपए तक का ही कर्ज लिया जा सकेगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) इस मामले को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) के पास उठाने के लिए दिल्ली भी गए हुए हैं.

केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकार को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के लिए मिलने वाली मैचिंग ग्रांट को भी रोक दिया है. एनपीएस के लिए मार्च में केंद्र से 1 हजार 780 करोड़ रुपए पेंशन के मिलते थे. वह भी सरकार को अब नहीं मिलेंगे. हिमाचल प्रदेश की जीडीपी (Himachal Pradesh GDP) करीब दो लाख करोड़ की है. साल 2023-24 के बजट के मुताबिक राज्य सरकार कुल जीडीपी का 3 फीसदी रकम के बराबर ही कर्ज ले सकती है. इससे पहले प्रदेश सरकार 6 फीसदी तक लोन उठा रही थी. इस नियम में रियायत न मिलने पर सरकार की राह लगातार मुश्किल होती हुई नजर आएगी.

इन्हें भी पढ़े

aawas yojana

जिन्हें तकनीकी वजहों से PM आवास नहीं मिला, वे इस योजना से पूरा कर रहे घर का सपना

April 1, 2026
शराब

उत्तराखंड में आज से शराब महंगी, जानें नए रेट

April 1, 2026
गिरफ्तार

साइबर ठगी के लिए म्यूल खाते प्रोवाइड कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

March 29, 2026
Sri Ram Katha

हैदराबाद : श्री राम नवमी पर हुई 9 दिवसीय श्री राम कथा की भव्य पूर्णाहुति, सूर्य तिलक बना आकर्षण

March 27, 2026
Load More

सबसे अमीर राज्य कैसे बनेगा हिमाचल

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लगातार पूर्व की सरकार पर कर्ज के बोझ को बढ़ाने का आरोप लगाते रहे हैं. हालांकि, खुद भी सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने तीन अलग-अलग किस्तों में भारी-भरकम लोन उठा लिया था. हिमाचल प्रदेश के कुल बजट का 46 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन में ही चला जाता है. सरकार अपनी गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए हर साल जमकर खर्च करती है, लेकिन सरकार की कमाई नाम मात्र की है. इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का यह दावा कि हिमाचल प्रदेश आने वाले 10 सालों में देश भर का सबसे अमीर राज्य होगा, इस दावे पर भी खतरा मंडराता हुआ नजर आ रहा है.

कर्ज कहां से ले रही सरकार

हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से सदन में दिए गए जवाब के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश सरकार ने विभिन्न एजेंसियों से वर्ष 2020-21 में 7 हजार 295 करोड़ का कर्ज लिया. इसके अलावा, 2021-22 में 5 हजार 500 करोड़ और 2023-24 में 10 हजार 294 करोड़ रुपये का कर्ज लिया. कुल-मिलाकर पिछले तीन साल में कुल 23 हजार  185 करोड़ के कर्ज का बोझ प्रदेश पर लाद दिया गया. सरकार ने कर्ज का सबसे बड़ा हिस्सा खुले बाजार से उठाया है. पिछले तीन साल में हिमाचल प्रदेश सरकार में 19 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज खुले बाजार से उठाया. सरकार की ओर से दी गई जवाब में बताया गया कि मई 2022 से 31 जनवरी 2023 तक 9 हजार  500 करोड़ रुपए का कर्ज दिया गया. वहीं, 2020-21 में खुले बाजार से एक हजार करोड़, 2021-22 में चार हजार करोड़ कर कर्ज़ सरकार ने लिया.

राजस्व घाटा 4704 करोड़ रुपए

बता दें कि सदन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साल 2023-24 के लिए 53 हजार 413 करोड़ रुपए का बजट पेश किया. साल 2023-24 में राजस्व प्राप्तियां 37 हजार 999 रहने का अनुमान है. इसके अलावा कुल राजस्व व्यय 42 हजार 704 करोड़ रुपए अनुमानित है. इस तरह कुल राजस्व घाटा 4 हजार 704 करोड़ रुपए होने का अनुमान है. इसके अलावा राजकोषीय घाटा 9 हजार 900 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो प्रदेश की GDP का 4.61 फीसदी हिस्सा है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
दूध

मेहनती और बुद्धिमान होने के बावजूद भी यहां के लोग नहीं करते दूध-घी का सेवन, क्या है इसकी वजह?

February 22, 2023
Pakistan is on fire

सुलगा पाकिस्‍तान, अब आगे क्‍या हैं विकल्‍प?

May 10, 2023
kisaan

कृषि क्षेत्र में उत्पन्न हो रहे हैं रोजगार के नए अवसर

September 27, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • युद्ध के बीच ईरान ने भारत को दिया बड़ा आश्वासन, सुरक्षा पर क्या बोला?
  • जिन्हें तकनीकी वजहों से PM आवास नहीं मिला, वे इस योजना से पूरा कर रहे घर का सपना
  • हिमालय की ऊंचाइयों पर चल रहा ‘खेल’, स्कैम की कहानी चौंकाएगी

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.