Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

BJP ने 2024 आम चुनाव के लिए छोड़ दिए चार ‘ब्रह्मास्त्र’

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 28, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
21
SHARES
687
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: 2024 के लोकसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं। उससे पहले एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस अभी बैठक ही कर रही है, लेकिन भाजपा काफी पहले ही मिशन मोड में जुट गई है। जी हां, उसने एक नहीं तरकश में कई ब्रह्मास्त्र रखे हैं। खासबात यह है कि 2014 की तुलना में 2024 की परिस्थितियां अलग होने वाली हैं। भाजपा अपना जनाधार बढ़ाने पर फोकस कर रही है। उस समय मुसलमानों को लेकर आम धारणा ऐसी थी कि वे भाजपा को वोट ही नहीं देंगे। हालांकि इस बार भाजपा की तैयारी और रणनीति कुछ इस तरह की है कि 85 फीसदी मुसलमानों को साधने की कोशिश की जा रही है। जी हां, पीएम मोदी ने जिन पसमांदा मुसलमानों के हितों की बात की है उनकी तादाद 80 से 85 फीसदी है। इसके बाद से ओवैसी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी से लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर बेचैनी होना लाजिमी है। इसे एक-एक कर समझना होगा।

भाजपा ने अल्पसंख्यकों को साधने के लिए ‘मोदी मित्र’ अभियान छेड़ रखा है। ‘संपर्क से समर्थन’ के तहत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर सीएम और जिला स्तर के नेता लोगों से मिल रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह की माइक्रो मैनेजमेंट वाली रणनीति को भी भाजपा नहीं भूली है इसीलिए ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत अभियान’ भी शुरू है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समान नागरिक संहिता और पसमांदा मुसलमानों के मुद्दों को जिस तरह से उठाया, उससे संकेत साफ है कि 2024 के चुनाव में भाजपा किस तैयारी से जुटी है। पीएम ने संकेत दिया है कि चुनाव से पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड पर फैसला लिया जा सकता है। इस पर ज्यादा अड़चन भी नहीं आनी चाहिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट कई बार इस पर बोल चुका है। PM ने कहा है कि दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा? आगे समझिए 2024 के लिए भाजपा के पास चार ब्रह्मास्त्र क्या-क्या हैं?

इन्हें भी पढ़े

bpcl gas cylinder

मिडिल ईस्ट में तनाव कम होते ही भारत को राहत, कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी सभी पाबंदियां हटाई गईं

June 26, 2026
shri ram temple

राम मंदिर दान राशि गड़बड़ी मामले में पहली बड़ी कार्रवाई, 8 लोगों पर FIR दर्ज

June 26, 2026
climate change

क्लाइमेट चेंज का सबसे ज्यादा असर झेल रहे भारत के बच्चे, UNICEF रिपोर्टसावधान!

June 25, 2026
ice of the arctic

आर्कटिक की पिघलती बर्फ में भारत तलाश रहा अपना भविष्य!

June 25, 2026
Load More

1. मोदी मित्र BJP को दिलाएंगे मुस्लिम वोट
BJP का अल्पसंख्यक मोर्चा बिना ज्यादा शोर किए देशभर में अलग ही अभियान में जुटा हुआ है। जी हां, मोदी मित्र बनाए जा रहे हैं। ये मित्र ऐसे होंगे जो बीजेपी से जुड़े नहीं होंगे और न ही जल्द बीजेपी की सदस्यता लेने के इच्छुक हैं। आपको शायद पता हो कि अल्पसंख्यक मोर्चे ने गुजरात और यूपी विधानसभा चुनाव के समय से ही मोदी मित्र बनाना शुरू कर दिया था। भाजपा के नेताओं का मानना है कि इससे फायदा भी हुआ है। लोगों के मन में एक सवाल हमेशा से रहा है कि क्या किसी भी तरह से बीजेपी और मुस्लिमों के बीच की दूरी कम होगी? पहले कहा जाता था कि भाजपा मुसलमानों का वोट चाहती ही नहीं है, लेकिन अब वो धारणा बदलती दिख रही है।

मोदी मित्र ऐसे लोग होंगे जो किसी पार्टी से जुड़े नहीं हों और पीएम मोदी की योजनाओं और नीतियों के प्रशंसक हों। इन्हें मोदी मित्र का सर्टिफिकेट भी दिया जा रहा है। मस्जिद के इमाम भी मोदी मित्र बनाए जा सकते हैं। यूपी की सभी लोकसभा सीटों तक भाजपा ने पहुंच बना ली है। हर लोकसभा सीट पर 500 से 600 मोदी मित्र बनाए जा चुके हैं। एक लोकसभा में 5000 मोदी मित्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा के अंदरखाने से खबर है कि अल्पसंख्यक मोर्चा विशेष रूप से उन लोकसभा सीटों को टारगेट कर रहा है जहां मुसलमानों की आबादी 30 पर्सेंट या इससे ज्यादा है।

2. वो 2019 वाला अभियान
भाजपा 2024 में जीत का हैटट्रिक लगाना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई चेहरे के सहारे बीजेपी ने ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान चलाया है। मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर इसकी शुरुआत की गई। एक्सपर्ट का कहना है कि पार्टी इस मुहिम के जरिए ठीक उसी तरह 2024 की जमीन तैयार कर रही है, जैसे उसने 2019 में किया था। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा हों, गृह मंत्री अमित शाह या रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सभी बड़े नेता और मंत्री शहर-शहर जा रहे हैं। मशहूर हस्तियों से भाजपा नेताओं की मुलाकातें हो रही हैं। रैलियों में मोदी सरकार के विकास कार्यों की रिपोर्ट रखी जा रही है। आपको याद होगा कि 2019 के चुनाव से पहले भी पार्टी ने ‘संपर्क फॉर समर्थन’ लॉन्च किया था।

3. शाह की माइक्रो मैनेजमेंट रणनीति
2014 के चुनाव में भाजपा ने कई प्रयोग किए थे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण था बूथों पर फोकस करना। उसका नतीजा यह हुआ कि पार्टी का संगठन तो मजबूत हुआ ही, साथ में वोट मिलना भी पक्का हो गया। जब अमित शाह पार्टी के अध्यक्ष बने तो बूथ पर सारा फोकस केंद्रित कर दिया गया। यह शाह का माइक्रो मैनेजमेंट था। भाजपा को पता है कि चुनाव कोई भी हो, अगर जमीनी स्तर पर यानी बूथ मजबूत होता है तो जीत की केवल घोषणा होनी बाकी रह जाती है। एक दिन पहले भोपाल से पीएम ने भी 3000 बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से ही बातचीत की थी। इससे न सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं का जोश हाई है बल्कि वह अपनी महत्ता को भी समझ रहे हैं।

4. पसमांदा मुसलमान मास्टरस्ट्रोक!
देशभर में पसमांदा मुसलमानों की आबादी 80 फीसदी से ज्यादा है। पहले भाजपा मुसलमानों से जुड़े सवालों के ही जवाब देती थी लेकिन अब खुद मुद्दे सामने रख रही है। पीएम मोदी ने भोपाल में कहा कि विपक्ष समान नागरिक संहिता के मुद्दे का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय को भड़काने के लिए कर रहा है। उन्होंने मुसलमानों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको यह समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल भड़काकर फायदा लेने के लिए आपको बर्बाद कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति के बजाए संतुष्टिकरण के रास्ते पर चलेगी। आमतौर पर मुसलमानों को एंटी-बीजेपी माना जाता रहा है। वह कांग्रेस, सपा, टीएमसी, बसपा या दूसरे दलों को ही वोट करता आया है।

हालांकि मुसलमान हितैषी बनने वाली पार्टियों को सुनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर वे वास्तव में मुसलमानों के हित में काम कर रहे होते, तो मुस्लिम परिवार पढ़ाई-लिखाई और नौकरियों में पीछे नहीं होते। यह कहते हुए मोदी ने पसमांदा मुसलमानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े मुसलमान यानी पसमांदा मुसलमानों के साथ बराबरी का व्यवहार नहीं किया जाता है जबकि इस सरकार ने बिना किसी भेदभाव के काम किया है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

सरकारी नैरेटिव बनाम आम आदमी का मुद्दा

July 13, 2022
किसान आंदोलन

किसान आंदोलन से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त, परेशान सिर्फ किसान नहीं!

February 18, 2024
Wagner Chief Prigozhin

नोटों से भरी है वैगनर चीफ प्रिगोझिन की तिजोरी, जानें कितने अमीर हैं?

June 28, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • 15 मिनट एक्स्ट्रा काम के भी मिलेंगे पैसे, नए लेबर कोड में ओवरटाइम के नियम समझें
  • 10 रुपये की ये छोटी सी चीज है नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर, एक्सपर्ट ने गिनाए फायदे
  • आयरलैंड दौरे पर कप्तान श्रेयस अय्यर का दमदार संदेश ‘शेर की तरह खेलो’, जीत के साथ नई शुरुआत पर नजर

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.