नई दिल्ली : प्रगति मैदान में बनाया गया भारत मंडपम दुनियाभर में दिल्ली की शान बनेगा। यह ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध सिडनी ओपेरा हाउस से काफी बड़ा है। इसमें बैठने की क्षमता के साथ अत्याधुनिक सुविधाएं भी हैं। भारत मंडपम में सात हजार से ज्यादा लोगों के बैठने की क्षमता है। इसके चलते अब यहां बड़े स्तर के आयोजन ज्यादा संख्या में आयोजित किए जा सकेंगे। इतना बड़ा हॉल पहले राजधानी में उपलब्ध नहीं था। इस कन्वेंशन सेंटर में तीन हजार लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक एम्फीथिएटर भी है, जो तीन पीवीआर थिएटरों के बराबर है।
5500 से ज्यादा वाहन खड़े हो सकते हैं
आयोजनों को देखते हुए प्रगति मैदान में बड़े स्तर पर पार्किंग का इंतजाम किया गया है। एक साथ 5500 से ज्यादा वाहनों को पार्क किया जा सकेगा। इसके चलते रिंग रोड और मथुरा रोड पर जाम से भी निजात मिलेगी। पहले बाहर केवल दो हजार से ज्यादा पार्किंग थी। अब प्रदर्शनी हॉल के नीचे ही पार्किंग बनाई गई है।
टनल के सहारे जुड़ी तीन बड़ी भूमिगत पार्किंग
पूरे इलाके को जाम फ्री करने के लिए सुरंग बनाई गई हैं। रिंग रोड, भैरो मार्ग और मथुरा रोड के जाम में फंसे बगैर वाहन चालक सीधे प्रगति मैदान की पार्किंग में पहुंच सकेंगे।
तीन गुना क्षमता के साथ बना एम्फिथिएटर
इस बार तीन गुना क्षमता के साथ भव्य एम्फिथिएटर बनाया गया है। खुले में यहां बड़े आयोजनों को किया जा सकता है। प्रगति मैदान में प्रत्येक तल को लिफ्ट और एस्कलेटर की सुविधा से युक्त किया गया है। बुजुर्ग और दिव्यांगों की सुविधा को ध्यान में रखा गया है।
नेटवर्क जाने की समस्या नहीं
प्रगति मैदान के कार्यक्रमों में नेट बंद होने की दिक्कत नहीं आएगी। इसके लिए हाईस्पीड इंटरनेट की व्यवस्था की गई है। 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
खूबसूरती का रखा गया है ध्यान
प्रगति मैदान में फव्वारे और ग्रीनरी पर विशेष ध्यान दिया गया है। खूबसूरत लाइटों से प्रगति मैदान को सजाया गया है। इसके साथ यहां दीवारों पर पेंटिंग भी की गई है।
2700 करोड़ रुपये से पुनर्निर्मित किया गया
लगभग 123 एकड़ में फैले आईसीसी कॉम्प्लेक्स को 27 सौ करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्मित किया है। बैठकें, सम्मेलन और प्रदर्शनियां आयोजित करने के लिए यह देश का सबसे बड़ा कॉम्प्लेक्स है। इसमें कन्वेंशन सेंटर, प्रदर्शनी हॉल और एम्फीथिएटर सहित कई आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
दो डाक टिकट, 75-100 के सिक्के जारी
प्रगति मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करगिल में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने दी। उन्होंने अगले कुछ सप्ताह में होने जा रहे जी-20 की अध्यक्षता से जुड़े दो स्मारक डाक टिकट और 75 और 100 रुपये के सिक्के भी जारी किए।







