Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन के लिए अब बदल जाएंगे नियम!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 31, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
registration of birth
25
SHARES
845
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लोकसभा में 26 जुलाई को जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2023 पेश किया। इस विधेयक में जन्म और मृत्यु का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय डेटाबेस तैयार करने का प्रस्‍ताव है। यह विधेयक जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 में संशोधन करेगा। आखिर यह विधेयक क्यों लाया गया और इसके कानून बनने पर आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा? आइए, इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं…

किसने पेश किया विधेयक?

इन्हें भी पढ़े

rajnath singh

ऑपरेशन सिंदूर पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह- सुरक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जाएगा

August 9, 2026
gobardhan yojana

गोबरधन योजना से देश का गैस आयात बिल 5 अरब डॉलर घटने की उम्मीद!

August 9, 2026
army

घाटी में फिर खूनी साजिश! ULC ने जारी की कश्मीरी पंडितों की हिट लिस्ट

August 9, 2026
E-Rupee

दुकानदारों और व्यापारियों के लिए भी UPI फ्री, ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगी कोई फीस

August 9, 2026
Load More

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया। इस विधेयक के लागू होने पर जन्म पंजीकरण के दौरान माता-पिता या अभिभावक के आधार नंबर की आवश्यकता होगी, जिसके लिए उनका उपलब्ध होना जरूरी होगा। प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण का लाभ उठाने के लिए, सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण और वितरण के लिए विधेयक में खंड शामिल किए हैं, जिससे सार्वजनिक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की उम्मीद है।

क्या है विधेयक का प्रमुख उद्देश्य?

  • विधेयक का एक प्रमुख उद्देश्य पंजीकृत जन्म और मृत्यु के लिए राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय डेटाबेस स्थापित करना है। इस पहल से अन्य डेटाबेस के लिए अद्यतन प्रक्रियाओं को बढ़ाने, कुशल और पारदर्शी सार्वजनिक सेवाओं और सामाजिक लाभ वितरण को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
  • नया कानून जन्म प्रमाण पत्र को किसी व्यक्ति की जन्म तिथि और स्थान के निश्चित प्रमाण के रूप में स्थापित करेगा। यह कानून जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने पर या उसके बाद पैदा हुए व्यक्तियों को प्रभावित करेगा।
  • प्रमाणपत्र स्कूलों में प्रवेश, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने, मतदाता सूची तैयार करने, विवाह पंजीकरण, सरकारी रोजगार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, पासपोर्ट जारी करने और आधार नंबर जारी करने सहित विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण होगा।
  • इसके अलावा, बिल गोद लिए गए, अनाथ, परित्यक्त और सरोगेट बच्चों के साथ-साथ एकल माता-पिता या अविवाहित माताओं के बच्चों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाएगा।
  • विधेयक लाने का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की 14 धाराओं में संशोधन करना है ।

रजिस्ट्रार को देना होगा मृत्यु का कारण प्रमाणपत्र

एक नए शासनादेश में, सभी चिकित्सा संस्थानों में रजिस्ट्रार को मृत्यु का कारण प्रमाण पत्र प्रदान करना होगा, जिसकी एक प्रति निकटतम रिश्तेदार को दी जाएगी। अंत में, संभावित आपदाओं या महामारी के मद्देनजर बिल मौतों के पंजीकरण और प्रमाणपत्र जारी करने में तेजी लाने के लिए विशेष ‘उप-रजिस्ट्रारों’ की नियुक्ति का प्रस्ताव करता है।

किन मामलों में अनिवार्य होगा जन्म का पंजीकरण?

विधेयक के प्रावधान में कहा गया है कि ऐसे मामलों में जन्म का पंजीकरण अनिवार्य होगा, जहां जन्म जेल या होटल में हुआ हो। इस मामले में जेलर या होटल के प्रबंधक को आधार संख्या प्रदान करनी होगी। यह प्रावधान गोद लिए गए, अनाथ, परित्यक्त, सरोगेट बच्चे और एकल माता-पिता या अविवाहित मां के लिए बच्चे की पंजीकरण प्रक्रिया में भी अनिवार्य होगा।

नया विधेयक इस बात की वकालत करता है कि रजिस्ट्रार जनरल पंजीकृत जन्म और मृत्यु का एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाए रखेंगे, जबकि मुख्य रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार जन्म और मृत्यु से संबंधित राज्यों और स्थानीय क्षेत्राधिकार से डेटा को राष्ट्रीय डेटाबेस में साझा करने के लिए बाध्य होंगे। इस बीच, मुख्य रजिस्ट्रार राज्य स्तर पर एक समान डेटाबेस बनाए रखेगा। केंद्रीय डेटा भंडार को वास्तविक समय में अपडेट किया जाएगा और सभी व्यक्तिगत डेटाबेस को एक सामान्य प्लेटफार्म पर जोड़ा जाएगा।

आधार की क्या होगी भूमिका?

आधार सरकारी सेवाओं और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जरूरी है। यह जन्म और मृत्यु के पंजीकरण के लिए भी अनिवार्य होगा। उदाहरण के लिए, जन्म के दौरान, जब चिकित्सा अधिकारी जन्म की रिपोर्ट देगा तो माता-पिता और सूचना देने वाले का आधार नंबर देना अनिवार्य होगा।

विधेयक के लागू होने पर क्या होगा?

  • विधेयक के लागू होने के बाद जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग जन्म लेने वाले लोगों की जन्म तिथि और जन्म स्थान को साबित करने के लिए किया जाएगा।
  • बर्थ सर्टिफिकेट का उपयोग किसी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश, मतदाता सूची, सरकारी पद पर नियुक्ति और अन्य उद्देश्यों के दौरान भी किया जाएगा।
  • दस्तावेज का उपयोग प्रवेश, आधार जारी करना, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मतदाता सूची की तैयारी, विवाह पंजीकरण और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सरकारी व्यवस्थाओं जैसे उद्देश्यों के लिए भी किया जाएगा।
  • राष्ट्रीय डेटाबेस को जनसंख्या रजिस्टर, मतदाता सूची, राशन कार्ड और अन्य जैसे समान डेटाबेस बनाए रखने वाले अन्य अधिकारियों के साथ भी साझा किया जाएगा।
  • मेडिकल संस्थानों के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र मुफ्त में जारी करना अनिवार्य होगा।
  • डेथ सर्टिफिकेट के बदले कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा।

विधेयक से क्या फायदा होगा?

एक सामान्य और केंद्रीकृत डेटाबेस जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा और अन्य एजेंसियों के साथ डेटाबेस साझा करने से दोहराव और ऐसी अन्य त्रुटियों से बचा जा सकेगा। इसका उद्देश्य सभी चिकित्सा संस्थानों के लिए रजिस्ट्रार को मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र और निकटतम रिश्तेदार को उसकी एक प्रति प्रदान करना अनिवार्य बनाना है।

इस विधेयक से पंजीकरण चुनौतियों को दूर करने की भी उम्मीद है, जो निवेश की कमी, सेवाओं की खराब डिलीवरी और केंद्रों पर सीमित कंप्यूटर और इंटरनेट सेवाओं से आती हैं। यह भी माना जा रहा है कि यह बिल मौतों के पंजीकरण को बढ़ाने में सहायक होगा, जो कि ग्रामीण स्तर पर कई मुद्दों के कारण फिलहाल नहीं हो पा रहा है।

डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र क्या है?

डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र एक एकल दस्तावेज है, जिसका उपयोग किसी व्यक्ति की जन्मतिथि और जन्मस्थान को साबित करने के लिए किया जाता है। इस विधेयक में सभी जन्म और मृत्यु को एक केंद्रीकृत पोर्टल पर पंजीकृत करने का प्रावधान है।

डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र के क्या फायदे होंगे?

डिजिटज जन्म प्रमाण पत्र से देश में जन्म तिथि और जन्मस्थान को साबित करने के लिए किसी अन्य दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्र सरकार ने डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए यह पहला कदम उठाया है।

विधेयक में प्रावधान किया गया है कि रजिस्‍टर्ड जन्म और मृत्यु का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, विधेयक में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र में डिजिटल रजिस्ट्रेशन और इलेक्ट्रॉनिक एग्‍जीक्‍यूशन का भी प्रावधान किया गया है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
ram mandir

अयोध्या में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा, सीएम योगी के नेतृत्व में लिखा जायेगा भक्ति का नया अध्याय !

June 2, 2025
cm yogi

एआई और डेटा एनालिटिक्स का बढ़ाएं उपयोग, कर संग्रह व्यवस्था को मिलेगी मजबूती : सीएम योगी

May 3, 2025

ईसाई बहुल राज्यों में भी फेल क्यों हो रही कांग्रेस?

March 12, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • दिल्ली मेट्रो का दुनिया में डंका, न्यूयॉर्क-हांगकांग और पेरिस को भी छोड़ा पीछे
  • यश रचने जा रहे इतिहास, 1 साल में देंगे दो 100 करोड़ ओपनिंग करने वाली फिल्में?
  • ऑपरेशन सिंदूर पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह- सुरक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जाएगा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.