नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए मानहानि के मामले में उनकी सजा पर रोक लगा दी है। ऐसे में अब राहुल गांधी को संसद सदस्यता वापस मिल जाएगी। बता दें, किसी भी सांसद को जब अदालत दो साल या दो साल से अधिक की सजा सुनाती है, तो नियमानुसार उनकी संसद सदस्यता खुद ब खुद रद्द हो जाती है। वहीं यदि कोर्ट द्वारा उन्हें राहत मिलती है, तो उनकी सदस्यता ऑटोमेटिकली बहाल हो जाती है। ऐसे में राहुल गांधी को जब सुप्रीम कोर्ट ने राहत दे दी है, तो उनकी लोकसभा सदस्यता अपने आप बहाल हो जाएगी।
राहुल गांधी के केस में सदस्यता बहाली में थोड़ी देर भी हो सकती है। किसी भी ऐसे मामले में लोकसभा सचिवालय सदस्यता को बहाल करने की जानकारी अधिसूचना जारी कर देती है। कई बार इसमें लगभग महीने भी लग जाते हैं। मॉनसून सत्र में राहुल तभी हिस्सा ले पाएंगे, जब लोकसभा सचिवालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। आपको इससे जुड़ी मुख्य बातें समझनी चाहिए।
राहुल गांधी की अपील के मायने समझिए
लोकसभा सचिवालय में राहुल गांधी जितनी जल्दी संसद सदस्यता बहाल करने की अपील करते हैं, उतनी जल्दी उनकी सांसदी वापस मिल सकती है। ये लोकसभा सचिवालय पर निर्भर करता है कि राहुल की अपील पर कितनी जल्दी में फैसला लिया जाता है। लोकसभा सचिवालय में अगर किसी कारण उनकी अपील पर सुनवाई में देरी होती है, राहुल इसके लिए भी सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं।
पिछले मामले से समझिए सबकुछ
लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल को जनवरी 2023 में एक सत्र अदालत में हत्या की कोशिश के मामले में दोषी करार दे दिया गया था। अदालत ने उन्हें 10 साल कैद की सजा सुनाई। इसके बाद 13 जनवरी 2023 को लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी की और उन्हें अयोग्य ठहरा दिया। केरल हाईकोर्ट ने 25 जनवरी को उनकी सजा पर रोक लगा दी। इसके बाद फैजल ने लोकसभा सचिवालय से अपनी सदस्यता दोबारा से बहाल करने की मांग की। उन्होंने हाईकोर्ट के इस फैसले को आधार बनाया।
फैजल की सीट पर उपचुनाव का ऐलान
उस वक्त सांसद की लोकसभा सीट पर चुनाव आयोग ने उपचुनाव का ऐलान कर दिया था। फैजल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के इस कदम के खिलाफ अपील की। अदालत में 29 मार्च को सुनवाई होने ही वाली थी कि इससे पहले लोकसभा सचिवालय ने उनकी संसद सदस्यता बहाल कर दी।
राहुल गांधी को वापस मिलेगा उनका बंगला!
राहुल की लोकसभा सदस्य रद्द होने के बाद उनका बंगला भी खाली करा दिया गया था। ऐसे में सवाल ये भी है कि सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल को बंगला कब वापस मिलेगा? बता दें, सासंदों का सरकार बंगला केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के निदेशालय द्वारा आवंटित किया जाता है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्यों के आवास आवंटन की खातिर एक सदन समिति है। यही समिति मंत्रालय से बंगला आवंटन के लिए सिफारिश करती है, जिसके बाद आगे कि प्रक्रिया होती है। ये जरूरी नहीं है कि जहां राहुल गांधी पहले रह रहे थे, वही 12 तुलगक रोड वाला बंगला ही उन्हें आवंटित हो।







